बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने बस्तर संभाग में आदिवासियों की जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने विधानसभा में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के समक्ष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मंडावी ने इसे सार्वजनिक महत्व का गंभीर विषय ब
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विधायक मंडावी ने सदन को बताया कि बस्तर संभाग पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है। यहां आदिवासियों की आजीविका का मुख्य आधार उनकी पुश्तैनी जमीनें हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि एक ओर सरकार बस्तर को नक्सलमुक्त करने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर भू-माफिया आदिवासियों की जमीनों की खुलेआम खरीद-फरोख्त में लगे हैं।

आदिवासियों से जमीन जबरन खरीद रहे हैं भू-माफिया
मंडावी के अनुसार, पिछले तीन-चार महीनों से बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में भू-माफिया और उद्योगपति बड़े पैमाने पर जमीन खरीद रहे हैं। सीधे-सादे आदिवासियों को पैसे का लालच देकर औने-पौने दाम पर अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते इस पर सख्त रोक नहीं लगाई, तो आने वाले समय में आदिवासी समाज के समक्ष आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इससे उन्हें दर-दर भटकने की नौबत आ सकती है।
विधायक ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन द्वारा भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है और जमीन बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही है। इससे बस्तर क्षेत्र में व्यापक रोष और आक्रोश का माहौल बन रहा है। उन्होंने सरकार से आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने और भूमि खरीद-बिक्री की प्रक्रिया पर पूर्ण विराम लगाने की मांग की।