महासमुंद जिले में नववर्ष 2026 के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर जिले के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। अनुमान है कि बागबाहरा स्थित घुंचापाली चंडी माता मंदिर में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को करीब 50 हजार श्रद
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नववर्ष की शुरुआत भगवान के दर्शन और आशीर्वाद से करने की परंपरा के चलते बड़ी संख्या में लोग मंदिरों का रुख करते हैं। घुंचापाली चंडी माता मंदिर के अलावा खल्लारी माता मंदिर और बिरकोनी चंडी मंदिर जैसे अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहेगा।
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने व्यापक तैयारियां की हैं। ट्रस्ट यह सुनिश्चित कर रहा है कि भक्तों को माता के दर्शन में किसी प्रकार की बाधा या परेशानी का सामना न करना पड़े। पिछले सालों की तुलना में इस बार अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
श्रद्धालु सुबह और शाम 7:30 बजे होने वाली माता की आरती में शामिल हो सकते हैं। विशेष रूप से 31 दिसंबर और 1 जनवरी को दर्शन के लिए मंदिर के पट रात 10 बजे तक खुले रहेंगे। सामान्य दिनों में मंदिर रात 9 बजे बंद कर दिया जाता है।

बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
नए साल पर छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है, जो सुबह आकर शाम तक वापस लौट जाते हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवार सहित रुकने की व्यवस्था भी की गई है।
ठहरने की सुविधा और शुल्क
मंदिर परिसर में रुकने के लिए 1000 रुपए शुल्क में अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां 15 एसी कमरे हैं। हालांकि, नववर्ष के अवसर पर भोजन की व्यवस्था नहीं रहती है।
मंदिर तक पहुंचने के साधन
राजधानी रायपुर से स्वयं के वाहन से करीब 95 किलोमीटर की दूरी तय कर बागबाहरा स्थित घुंचापाली चंडी माता मंदिर पहुंचा जा सकता है। रायपुर से ट्रेन के माध्यम से बागबाहरा स्टेशन तक पहुंचकर वहां से ऑटो के जरिए मंदिर जाया जा सकता है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चाक-चौबंद
नववर्ष के अवसर पर मंदिर और आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो दिनों तक 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा। श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद रहेगी।
भालू से सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम
भालू से सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में घेरा किया गया है। वन विभाग ने पहले ही श्रद्धालुओं से अपील की है कि भालू को किसी भी प्रकार का खाद्य पदार्थ न दें