सरगुजा की कांग्रेस राजनीति में एक बार फिर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दौरे के बाद उनके साथ नजर आए कांग्रेस नेता …और पढ़ें

HighLights
- भूपेश बघेल के दौरे के बाद विवाद बढ़ा
- सिंहदेव समर्थकों ने व्हाट्सएप ग्रुप से हटाया
- युवा कार्यकर्ता बने अंदरूनी राजनीति का केंद्र
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: सरगुजा की राजनीति में कांग्रेस एक बार फिर अंदरूनी खींचतान को लेकर सुर्खियों में है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया सरगुजा दौरे के बाद कांग्रेस के वे नेता और कार्यकर्ता निशाने पर आ गए, जो उनके साथ नजदीकी दिखाते नजर आए। स्थिति तब सामने आई, जब पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के समर्थकों ने ऐसे कांग्रेसजनों को एक व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया। इनमें पूर्व पार्षद, पार्षद प्रत्याशी और कांग्रेस के आनुषंगिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हैं।
सिंहदेव समर्थकों के निशाने पर भूपेश के करीबी
दरअसल, कांग्रेस सरकार की विदाई के बाद भूपेश बघेल का यह सरगुजा का पहला दौरा था। अंबिकापुर प्रवास के दौरान सिंहदेव समर्थकों ने उनसे दूरी बनाए रखी। न तो औपचारिक स्वागत हुआ और न ही शहर में सिंहदेव समर्थक कोई प्रमुख पदाधिकारी या कार्यकर्ता उनके साथ नजर आया। इस दौरान भूपेश बघेल पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा ‘राजू’, कांग्रेस नेता दानिश रफीक, युवक कांग्रेस से जुड़े नीतीश ताम्रकार और छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के पूर्व अध्यक्ष शफी अहमद के निवास पर पहुंचे। उन्होंने शफी अहमद के स्वजनों से मुलाकात की, जिनकी पुत्री के विवाह में वे पहले शामिल नहीं हो पाए थे।
सूरजपुर में भी लगभग ऐसे ही हालात देखने को मिले। वहां सिंहदेव समर्थकों की उपस्थिति सीमित रही। सूरजपुर जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष पद पूर्व मंत्री तुलेश्वर सिंह की बेटी शशि सिंह को सौंपा गया है। उनके अध्यक्ष बनने के बाद आयोजित यह पहला जिला सम्मेलन था। सम्मेलन और दौरे के बाद जब भूपेश बघेल उत्तर छत्तीसगढ़ से लौट गए, तो उनके साथ खड़े कांग्रेसजन सिंहदेव समर्थकों के निशाने पर आ गए।
सिंहदेव के भतीजे आदित्येश्वर ने सभी को फिर जोड़ा
जानकारी के अनुसार, “सरगुजा महाराजा की कांग्रेस” नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप से उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को हटा दिया गया, जो भूपेश बघेल के कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। हालांकि यह ग्रुप जिला कांग्रेस का आधिकारिक मंच नहीं है, बल्कि सिंहदेव समर्थकों द्वारा बनाया गया निजी ग्रुप है। ग्रुप से हटाए जाने के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।