रायपुर में ओडिसा के एक व्यक्ति से 2 करोड रुपए की ठगी हुई है। आरोपियों ने व्यक्ति को शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफा का लालच दिया। फिर उससे रायपुर बुलाकर 2 करोड रुपए कैश ले लिए। पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया और फिर अचानक फरार
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नेमीचंद जैन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह कालाहांडी ओडिसा का रहने वाला है। नवंबर 2025 में उनके मोबाइल फोन में एक टेलीग्राम ग्रुप का लिंक आया। जिसमें टाटा कंसलटेंसी में 1 लाख इन्वेस्ट करने पर 10 दिन के भीतर 30 हजार लाभ के बारे में बताया गया। व्यक्ति ठगों के झांसे में आ गया उसने पैसे इन्वेस्ट कर दिए। कुछ दिन बाद उसे मुनाफा बताकर ₹30 हजार दिया गया। इसके बाद उन्हें और ज्यादा इन्वेस्ट करने के लिए फोन आने शुरू हो गए।

2 करोड़ में 40 लाख रुपए मुनाफा का लालच
आरोपियों ने व्यक्ति को कहा कि यदि वह दो करोड रुपए इन्वेस्ट करते हैं तो उन्हें 40 लाख रुपए मुनाफा मिलेगा। तब व्यक्ति ने कहा कि ऑनलाइन ठगी ज्यादा हो रही है यह रुपए में कैश में दूंगा। ठगों ने उन्हें रायपुर के होटल सिमरन में बुलाया। जहां पर शेयर ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेंट की स्कीम के बारे में बताया गया। बातचीत होने के बाद नेमीचंद ने कहा कि उनके पास दो करोड रुपए नहीं है। परिवार वालों से व्यवस्था करनी पड़ेगी।
साले से लेकर दिए 2 करोड रुपए कैश
फिर नेमीचंद ने अपने साले राजकिशोर अग्रवाल निवासी शंकर नगर से 2 करोड रुपए लिए। ठगों ने उन्हें लाल गंगा मिडास फाफाडीह स्थित ऑफिस में बुलाया। जहां जीजा साले ने आरोपियों को दो करोड रुपए नगद दे दिए। कुछ दिन बाद व्यक्ति ने आरोपियों से संपर्क किया और मुनाफे के पैसों की मांग की। लेकिन ठगो ने उसे गुमराह करना शुरू कर दिया। फिर मोबाइल के मैसेज भी डिलीट कर फरार हो गए।
महिला ठग भी थी शामिल
नेमीचंद के मुताबिक उनसे अजीत पात्रा, सुमित नंदा विकास साहू अजय त्रिपाठी और अर्चना अग्रवाल ने ठगी की है। आरोपियों ने मिलकर उन्हें कम दिन में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर 2 करोड रुपए वसूल कर लिए। फिलहाल पीड़ित ने देवेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।

आइए ग्राफिक में दिए इन पॉइंट्स को विस्तार से समझते हैं।
- निवेश संबंधी सलाह लेने से पहले हमेशा वेरिफिकेशन के लिए SEBI या RBI के द्वारा जारी लाइसेंस मांगें। अनचाही कॉल, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए आने वाले मैसेज से सावधान रहें।
- अगर आप किसी वॉट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में शामिल हो रहे हैं तो उसका एडमिन कौन है, इसकी जांच जरूर करें। अगर यह फाइनेंस से जुड़ा हुआ है तो उनका रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर मांगें। SEBI या संबंधित लाइसेंसिंग प्लेटफॉर्म से इसके सर्टिफिकेशन की जांच करें।
- स्टॉक मार्केट स्कैम से खुद को बचाने का आसान तरीका यह है कि बिना सबूत के किसी पर भी भरोसा न करें। पैसा निवेश करने से पहले SEBI की वेबसाइट पर जाकर पुष्टि करें। अगर संस्थान रजिस्टर नहीं है तो लेन-देन न करें।
- किसी नए ऐप या वेबसाइट के जरिए निवेश करने से पहले यह वेरिफाई करें कि यह असली है या नकली। अगर यह स्टॉक निवेश ऐप है तो SEBI लाइसेंस देखें और अगर यह NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी) है तो RBI लाइसेंस की जांच करें।
- ऐसे APK ऐप डाउनलोड करने से बचें, जो गूगल प्ले स्टोर या एपल ऐप स्टोर पर नहीं हैं।
- एहतियात के तौर पर अपने पासवर्ड को बार-बार बदलें। साथ ही टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का इस्तेमाल करें। यह एक ऐसा फीचर है, जो आपके सोशल मीडिया अकाउंट की एडिशनल सिक्योरिटी के लिए एक्स्ट्रा लेयर का काम करता है।
- अपनी पर्सनल या फाइनेंशियल जानकारी जैसे लॉगिन ID, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स या OTP कभी किसी के साथ शेयर न करें। भले ही कोई किसी प्रतिष्ठित फर्म, कंपनी या बैंक से होने का दावा करता हो।