छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंडी शुल्क में दी जा रही छूट की टाइम लिमिट बढ़ा दी है। राजधानी रायपुर के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में इसका ऐलान किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चावल निर्यात से जुड़े फ
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मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। दंतेवाड़ा जिले में ऑर्गेनिक चावल की खेती हो रही है, जिसे आगे और प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है। इस अवसर पर कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ भी किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छूट समय सीमा बढ़ाने का ऐलान किया।
छत्तीसगढ़ से चावल निर्यात को लेकर चर्चा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का यह दूसरा संस्करण है। कार्यक्रम में 12 देशों के खरीदारों और 6 देशों के दूतावास प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी रही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और प्रदेश में हजारों किस्म की धान की प्रजातियां उगाई जाती हैं। उन्होंने सरगुजा क्षेत्र के जीराफूल और दुबराज जैसे सुगंधित चावल का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी यह छूट दी थी।

समिट में 12 देशों के खरीदार और 6 देशों के दूतावास प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए थे।
90 देशों को हो रहा चावल का निर्यात
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से वर्तमान में करीब 90 देशों को लगभग एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष इसमें वृद्धि की संभावना है। मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की किसानों से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी।
चावल पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चावल पर आधारित प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, क्षेत्रवार उत्पादित प्रजातियां, उत्पादन में हो रहे नवाचार और आधुनिक तकनीकों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासकीय स्टालों का भी अवलोकन किया और चावल के उत्पादन एवं विपणन से जुड़े प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांति लाल, राम गर्ग सहित देशभर से आए मिलर्स, चावल व्यवसायी और अन्य स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।