नर्मदांचल बंग समाज ने 12 जनवरी 2026 को स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई। यह समारोह स्वामी सेनेटोरियम परिसर स्थित श्रीगुरु रवींद्र टैगोर वाटिका में आयोजित किया गया, जिसमें समाज के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना और पुष्पमाल्यार्पण के साथ हुआ। उपस्थित सदस्यों ने उनके आदर्शों, विचारों और शिक्षाओं को याद किया, साथ ही राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान को भी स्मरण किया।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद के विश्व शांति, मानव सेवा, आत्मबल, युवाशक्ति और सामाजिक एकता से जुड़े विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विवेकानंद के प्रेरणास्पद संदेश आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने में सहायक हैं।



कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित सदस्यों ने नर्मदांचल बंग समाज को संगठित, सशक्त और सक्रिय बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने आपसी भाईचारे को मजबूत करने तथा भविष्य में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में एकजुट होकर भागीदारी निभाने पर सहमति जताई।

समाज को यह संदेश दिया गया कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार संगठन, सेवा और संस्कार के माध्यम से एक मजबूत समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं। सदस्यों ने जाति, वर्ग और मतभेद से ऊपर उठकर एकजुट रहने, समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने और आने वाली पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करने का आह्वान किया।
उन्होंने नर्मदांचल बंग समाज को सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गरिमा और सेवा-भावना का सशक्त उदाहरण बनाने की अपील की।
इस अवसर पर शंकर चंद्र मंडल, के.सी. चक्रबर्ती, तरुण रक्षित, सुचंदन रक्षित, गोपाल रक्षित, रवींद्र मंडल, जनार्दन मंडल, राजा रक्षित, नर्मदांचल बंग समाज की अध्यक्ष श्रीमती अलका चक्रवर्ती और डॉ. सुकांत बिस्वास सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।