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भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता और सांसद संतोष पाण्डेय ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 110 के बूथ लेवल ऑफिसर अशोक दास की मौत के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र को झकझोर देने वाली बताया। शनिवार को रायपुर के एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में संतोष पाण्डेय ने कहा कि पश्चिम बंगाल, जो कभी लोकतांत्रिक सोच और बौद्धिक परंपरा के लिए जाना जाता था, आज टीएमसी के शासन में डर, दबाव और राजनीतिक हिंसा का केंद्र बन गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि स्वर्गीय अशोक दास एक ईमानदार सरकारी कर्मचारी थे। उन पर टीएमसी नेताओं की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिसकी वजह से उन्हें आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि बूथ नंबर 110 के बीएलओ अशोक दास को वार्ड नंबर 109 की टीएमसी नेता अनन्या बनर्जी और राजू बिस्वास ने बार-बार धमकियाँ दी थीं। उन्हें कहा गया था कि अगर उन्होंने वोटर लिस्ट से किसी भी अवैध वोटर का नाम हटाया, तो उन्हें, उनकी पत्नी और छोटे बच्चे को नुकसान पहुंचाया जाएगा। संतोष पाण्डेय ने कहा कि यह सिर्फ आत्महत्या नहीं है, बल्कि एक ईमानदार अधिकारी को दबाकर चुप कराने की घटना है। लगातार मानसिक दबाव, डर और असुरक्षा के माहौल में अशोक दास ने यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद टीएमसी की पहचान साफ हो गई है। टी – मतलब तुष्टिकरण की राजनीति एम – मतलब माफिया और गुंडा राज सी – मतलब अपराध की संस्कृति। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को छोड़कर कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने वोट बैंक के लिए इन्हें संरक्षण दे रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर ममता बनर्जी खुद को लोकतंत्र की रक्षक कहती हैं, तो इस पूरे मामले पर उनकी चुप्पी क्यों है। संतोष पाण्डेय ने कहा कि भाजपा की यह लड़ाई किसी पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि डर, दबाव और चुनावी गड़बड़ी की राजनीति के खिलाफ है। भाजपा अशोक दास को न्याय दिलाने और बंगाल को डर से मुक्त कराने तक चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने उत्तर दिनाजपुर के चाकुलिया की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां एसआईआर की सुनवाई के दौरान टीएमसी के लोगों ने अल्पसंख्यकों के नाम हटाने का आरोप लगाकर बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ की, आग लगाई और अधिकारियों पर हमला किया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि टीएमसी अवैध घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतना चाहती है। जब चुनाव आयोग फर्जी नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू करता है, तो टीएमसी हिंसा पर उतर आती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सालों से मतदाता सूची में अवैध नामों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उनके मुताबिक 2011 से 2019 के बीच राज्य में घुसपैठ के मामले काफी बढ़े हैं। टीएमसी रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देकर उन्हें वोट बैंक बना रही है। संतोष पाण्डेय ने आरोप लगाया कि बंगाल में फर्जी पहचान पत्र बनाने का रैकेट सक्रिय है, जहां 10 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक में फेक आईडी बनाई जा रही है। इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए न सिर्फ वोट डाले जा रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं की नौकरियाँ भी छीनी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से सीमा पर बाड़ लगाने के लिए राज्य सरकार से जमीन मांगी थी, लेकिन टीएमसी सरकार ने सहयोग नहीं किया। यह तुष्टिकरण की राजनीति का खतरनाक उदाहरण है। ममता बनर्जी से भाजपा के सवाल भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में न लोकतंत्र सुरक्षित है, न लोकतांत्रिक व्यवस्था और न ही उसे चलाने वाले लोग। उन्होंने अशोक दास मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की और चाकुलिया की हिंसा में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सवाल पूछे—
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