CG News: जांजगीर में पदस्थ रहे कृषि उपसंचालक ललित मोहन भगत के खिलाफ महिला अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर चांप …और पढ़ें

HighLights
- चांपा थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 में FIR
- SP के निर्देश पर सीएसपी ने की प्रारंभिक जांच
- विभागीय शिकायतों पर पहले नहीं हुई थी कार्रवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, जांजगीर: जांजगीर जिले में पदस्थ रहे तत्कालीन कृषि उपसंचालक (डीडीए) ललित मोहन भगत एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। महिला अधिकारी द्वारा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद चांपा पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इससे पहले विभागीय स्तर पर की गई शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के चलते यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में आ गया है।
महिला अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ रहे तत्कालीन कृषि उपसंचालक (DDA) ललित मोहन भगत के खिलाफ चांपा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। वर्तमान में वे रायगढ़ जिले में पदस्थ हैं। कृषि विभाग की एक महिला अधिकारी ने उन पर लज्जा भंग करने की नीयत से मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
SP के निर्देश पर हुई प्रारंभिक जांच
पीड़ित महिला अधिकारी ने सबसे पहले इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांजगीर के सीएसपी को पूरे प्रकरण की प्रारंभिक जांच सौंपी। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि हुई, जिसके बाद चांपा थाना में ललित मोहन भगत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
फिलहाल गिरफ्तारी नहीं, विवेचना जारी
चांपा थाना प्रभारी अशोक वैष्णव ने बताया कि आरोपी अधिकारी की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की विवेचना जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। आवश्यक साक्ष्य और संबंधित पक्षों के बयान एकत्र किए जा रहे हैं। जांच पूर्ण होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय स्तर पर भी की गई थी शिकायत
महिला अधिकारी ने इस मामले की शिकायत पहले संचालक कृषि विभाग रायपुर से भी की थी। आरोप है कि डीडीए भगत ने उच्चाधिकारियों से अपने संबंधों और पहुंच का लाभ उठाकर मामले को दबाने का प्रयास किया। औपचारिकता के तौर पर जांजगीर कृषि विभाग के एक अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया, जिस पर निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल खड़े हुए।
कलेक्टर से भी की गई थी शिकायत
जब विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो महिला अधिकारी ने नवंबर माह में कलेक्टर से शिकायत की। कलेक्टर द्वारा जांच टीम गठित करने की बात कही गई, लेकिन इसके बावजूद डीडीए भगत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और उनका स्थानांतरण रायगढ़ कर दिया गया।
महिला आयोग में भी लंबित है मामला
विभागीय उदासीनता से निराश होकर महिला अधिकारी ने राज्य महिला आयोग में भी पूरे मामले की शिकायत की। वर्तमान में यह प्रकरण महिला आयोग में भी लंबित है। अब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद यह मामला विभागीय और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।