नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। जिले के अभनपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नायक बांधा में भारतमाला परियोजना (रायपुर–विशाखापट्टनम इकोनामिक कॉरिडोर) के लिए किए गए भू-अर्जन में करीब 12 करोड़ रुपये की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। शिकायत मिलने के बाद रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार भारतमाला परियोजना के तहत ग्राम नायक बांधा में भू-अर्जन के लिए 12 अप्रैल 2019 को आशय पत्र जारी किया गया था। उस समय ग्रामवासी प्रदीप साहू के नाम खसरा नंबर 1260, 1262 और 1264 की भूमि दर्ज थी। आरोप है कि अधिक मुआवजा राशि प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रदीप साहू ने अपनी जमीन को दान पत्र (गिफ्ट डीड) के जरिए स्वजन के नाम 21 छोटे-छोटे टुकड़ों में रजिस्ट्री करा दी।
बताया गया है कि जमीन का नामांतरण प्रदीप साहू के पिता गैंदलाल, माता रामबाई, भाई बालमुकुंद और प्रहलाद, पत्नी कुसुम तथा बच्चों वेदांत और सौम्य के नाम पर कराया गया। आरोप है कि यह पूरा खेल मुआवजा राशि बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया, ताकि प्रत्येक हिस्सेदार को अलग-अलग मुआवजा मिल सके।
पटवारी- तहसीलदार पर गंभीर आरोप
शिकायत में कहा गया है कि इस पूरे प्रकरण में पटवारी जितेंद्र साहू और तत्कालीन तहसीलदार शशिकांत कुर्रे की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर नामांतरण किया गया। इसके बाद भू-अर्जन अधिकारियों की सांठगांठ से मुआवजा प्रकरण तैयार कर राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण (एनएचएआइ) को करीब 12 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
आरटीआइ से खुला मामला
यह पूरा मामला एक आरटीआइ कार्यकर्ता की शिकायत के बाद सामने आया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए रायपुर संभाग आयुक्त ने विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि आशय पत्र जारी होने के बाद दान पत्र के जरिए किए गए नामांतरण कितने वैध थे और किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ।
जांच के बाद भेजी जाएगी रिपोर्ट
इस संबंध में भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभनपुर रवि सिंह ने बताया कि आयुक्त कार्यालय से जांच के आदेश प्राप्त हो चुके हैं। सभी दस्तावेजों और नामांतरण प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट आयुक्त कार्यालय को भेजी जाएगी।
अधिकारियों का क्या कहना है
महादेव कावरे, संभागायुक्त, रायपुर का कहना है कि फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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