सावधान..! शातिर ठग SBI की फर्जी वेबसाइट बनाकर कर रहे ऑनलाइन धोखाधड़ी, 100 से ज्यादा मामले आए सामने

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January 27, 2026


बैंक की असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट के जरिए ठग ग्राहकों की निजी बैंकिंग जानकारी चुरा रहे हैं और ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। बढ़ते खतरे को दे …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 25 Jan 2026 07:24:41 AM (IST)Updated Date: Sun, 25 Jan 2026 07:29:03 AM (IST)

सावधान..! शातिर ठग SBI की फर्जी वेबसाइट बनाकर कर रहे ऑनलाइन धोखाधड़ी, 100 से ज्यादा मामले आए सामने
एसबीआई का फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन ठगी (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. राज्य भर में 50,00,000 से अधिक स्टेट बैंक के खाताधारक
  2. राज्यभर में 10,00,000 से अधिक सेंट्रल बैंक के खाताधारक
  3. SBI का फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन फ्रॉड की कोशिश

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: यदि आपका खाता देश के सबसे भरोसेमंद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) या सेंट्रल बैंक में है, तो सावधान हो जाइऐ क्योंकि इन दिनों शातिर साइबर ठग राष्ट्रीकृत बैंकों की फर्जी वेबसाइट तैयार कर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं।

जालसाजों द्वारा बैंक की असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट के जरिए ग्राहकों की निजी बैंकिंग जानकारी चुराई जा रही है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए देश के सबसे बड़े भरोसेमंद एसबीआई ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से अपने करोड़ों ग्राहकों को सतर्क रहने की अपील की है। केवाईसी समेत अन्य के नाम पर राज्यभर मे पिछले एक महीने के भीतर सौ से अधिक ठगी और ठगी की कोशिश की शिकायतें साइबर पुलिस तक पहुंची हैं।

साइबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार इन फर्जी वेबसाइटों का उद्देश्य केवल ग्राहकों की बैंकिंग जानकारी चुराना है। ठग चाहते हैं कि लोग जल्दबाजी में अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर दें। एक बार यूजरनेम, पासवर्ड या ओटीपी मिलते ही वे न सिर्फ खाते से पैसे निकाल सकते हैं, बल्कि निजी जानकारी का भी गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे संदेश अक्सर उस समय भेजे जाते हैं जब लोग व्यस्त रहते हैं और बिना जांचे-परखे लिंक खोल लेते हैं।

ऐसे फंसाते हैं ठग जाल में

ठग वाट्सएप, मैसेज या ई-मेल के जरिए एक लिंक भेजते हैं। इन संदेशों में लिखा होता है कि आपका खाता बंद होने वाला है या केवाईसी अपडेट नहीं करने पर सेवा रोक दी जाएगी। ग्राहक डरकर जैसे ही उस लिंक पर क्लिक करता है, एक पेज खुलता है जो हूबहू एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट जैसा दिखता है। वहां यूजर आईडी, पासवर्ड या ओटीपी डालने को कहा जाता है। जानकारी भरते ही ठगों को खाते तक पहुंच मिल जाती है और कुछ ही मिनटों में खाते से रकम गायब हो जाती है।

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गलती हो जाए तो क्या करें

यदि आपने गलती से किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया है या जानकारी साझा कर दी है, तो तुरंत नेट बैंकिंग पासवर्ड और पिन बदलें। इसके बाद बैंक को सूचना देकर खाता और कार्ड ब्लॉक करवाएं। साथ ही सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहना जरूरी है। बैंक कभी भी फोन, मैसेज या ईमेल के जरिए ओटीपी,पिन या पासवर्ड नहीं मांगता। किसी अनजान लिंक पर कभी भी क्लिक न करें और न ही कोई एप या फाइल डाउनलोड न करें और न ही अनजान कालकर्ता के झांसे में आए,अन्यथा ठगी हो सकती है। बैंकों के नाम पर ठगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही है। सभी तरह की शिकायतों की जांच कर कार्रवाई भी रहे है।

-गिरिजा शंकर जायसवाल, डीआईजी, राज्य साइबर सेल



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