रायपुर में खाकी शर्मसार! दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के आरोपी से की सांठगांठ, महिला प्रधान आरक्षक निलंबित

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January 30, 2026


Raipur Police: राजधानी के कबीर नगर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाले एक मामले में पुलिस विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दुष्कर्म और पाक …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 30 Jan 2026 09:41:29 PM (IST)Updated Date: Fri, 30 Jan 2026 09:41:29 PM (IST)

रायपुर में खाकी शर्मसार! दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के आरोपी से की सांठगांठ, महिला प्रधान आरक्षक निलंबित
आरोपी से की सांठगांठ, महिला प्रधान आरक्षक निलंबित।

HighLights

  1. रायपुर में दबाव में बदला था पीड़िता ने बयान
  2. सच सामने आने पर महिला पुलिसकर्मी निलंबित
  3. पुलिसकर्मी पर आरोपित से सांठगांठ का खुलासा

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी के कबीर नगर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाले एक मामले में पुलिस विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दुष्कर्म और पाक्सो (POCSO) एक्ट जैसे गंभीर प्रकरण में आरोपित के साथ मिलीभगत करने और पीड़िता पर बयान बदलने का दबाव बनाने के आरोप में महिला प्रधान आरक्षक चन्द्रकला साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

विवेचना में लापरवाही और संदिग्ध आचरण

विभागीय जांच में यह पाया गया कि विवेचना अधिकारी के रूप में तैनात चन्द्रकला साहू का आचरण कर्तव्य के प्रति संदिग्ध था। उन पर स्वेच्छाचारिता और आरोपित से अनुचित संबंध रखने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवेचना के दौरान बरती गई लापरवाही और साक्ष्यों के साथ संभावित छेड़छाड़ की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह अनुशासनात्मक कदम उठाया गया है।

पीड़िता पर बनाया गया बयान बदलने का दबाव

पीड़िता ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को दी अपनी शिकायत में बताया था कि महिला प्रधान आरक्षक उसे लगातार धमका रही थी और आरोपित के पक्ष में बयान बदलने का दबाव बना रही थी। इसी दबाव के चलते पीड़िता ने एक बार अपनी गवाही बदल भी दी थी। हालांकि, जब इस बात की जानकारी पीड़िता के परिजनों को हुई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर पूरी वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

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डिप्टी पुलिस कमिश्नर ने जारी किए निलंबन आदेश

शिकायत की गंभीरता और विभागीय जांच के प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर डिप्टी पुलिस कमिश्नर (पश्चिम क्षेत्र) संदीप पटेल ने कार्रवाई सुनिश्चित की। जांच रिपोर्ट में प्रधान आरक्षक के खिलाफ आरोपों की पुष्टि होने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या आरोपितों को संरक्षण देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



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