ACB RAID;हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर व बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार:ठेकेदार का बिल पास करने एवं टाइम बढ़ाने के लिए मांगी 65 हजार रुपये,ACB ने दबोचा

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February 5, 2026




सरगुजा ACB की टीम ने हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कमिश्नर एवं लिपिक को ठेकेदार से 65 हजार रुपये रिश्वत लेत रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कमिश्नर एवं लिपिक ने ठेकेदार से निर्माण कार्य का बिल निकालने एवं वर्क टाइम बढ़ाने के लिए 70 हजार रुपये रिश्वत मांगा था। इसकी शिकायत ठेकेदार ने ACB सरगुजा से की थी। ACB की टीम ने गुरुवार शाम दोनों को कार्यालय में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, हाउसिंग बोर्ड के ठेकेदार रवि कुमार ने 20 जनवरी 2026 को सरगुजा एसीबी को लिखित शिकायत की थी वे हाउसिंग बोर्ड में ठेकेदारी करते हैं। हाउसिंग बोर्ड के वर्क आर्डर पर वर्ष 2023 में बलरामपुर जिले के दौरा कोचली में 65 लाख रुपये की लागत से तहसील भवन का निर्माण कराया था। वहीं लुंड्रा में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के 6 अतिरिक्त कक्ष का निर्माण 43.51 लाख रुपये की लागत से कराया था। भुगतान के ऐवज में मांगी रिश्वत
ठेकेदार द्वारा तहसील कार्यालय का कार्य पूर्ण कर लिया गया था, जिसमें उनका 28 लाख रुपये का भुगतान अंतिम सत्यापन के बाद किया जाना था। वहीं कस्तूरबा आश्रम भवन का 7050 लाख रुपये का भुगतान एवं वर्क आर्डर का कार्य अवधि बढ़ाने के लिए संभागीय कमिश्नर के पास ठेकेदार ने आवेदन किया था। संभागीय कमिश्नर पूनम चंद्र अग्रवाल ने कार्य के ऐवज में पहले 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सरगुजा एसीबी से की। एसीबी की टीम ने रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर दोनों को ट्रेप करने की योजना बनाई। 65 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए
ACB के DSP प्रमोद कुमार खेस की टीम गुरुवार को हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कार्यालय पहुंची और योजना के अनुसार ठेकेदार रवि कुमार को केमिकल लगे 60 हजार रुपये देकर कार्यालय में भेजा। कमिश्नर पूनम चंद्र अग्रवाल ने रकम लिपिक अनिल सिन्हा के पास जमा करने के लिए कहा। रवि कुमार जब अनिल सिन्हा के पास पहुंचे तो उन्होंने ठेकेदार से कहा कि आपसे 60 नहीं 70 हजार रुपये मांगे गए थे। ठेकेदार ने कहा कि उनके पास और पैसे नहीं हैं तो लिपिक ने कहीं से जुगाड़ कर लाने को कहा। इसकी जानकारी बाहर निकलकर रवि कुमार ने ACB की टीम को दी तो एसीबी ने पांच हजार रुपये अतिरिक्त राशि की व्यवस्था करते हुए ठेकेदार को दिया। ठेकेदार ने उक्त रकम लिपिक अनिल सिन्हा को सौंप दी। अनिल सिन्हा ने अपने पास पांच हजार रुपये रखकर 60 हजार रुपये कमिश्नर पूनम चंद्र अग्रवाल को दे दिया। ठेकेदार का इशारा होते ही एसीबी की टीम कार्यालय में पहुंची और कमिश्नर पूनम चंद्र अग्रवाल व लिपिक अनिल सिन्हा को गिरफ्तार कर उनके पास से केमिकल लगा नोट जब्त कर लिया। ACB के डीएसपी प्रमोद कुमार खेस ने बताया कि दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 7,12 पीसी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।



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