कंपनी, कमीशन और कार के सपनों में फंसाकर युवक 15.50 लाख की ठगी, दोगुना मुनाफे के झांसे में आया

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February 5, 2026


नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सिविल लाइन क्षेत्र में निवेश के नाम पर सुनियोजित ठगी का मामला सामने आया है। कंपनी में पैसा लगाने पर दोगुना मुनाफा मिलने का भरोसा देकर महिला और उसके सहयोगियों ने एक युवक से 15 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली।

जब पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे तो उसे जान से मारने, मारपीट करने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने मामले में धारा 420, 506 एवं 34 भादंवि के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सक्ती जिले के मालखरौदा थाना अंतर्गत ग्राम बोकरेल में रहने वाले कमलेश गवेल (34) वर्तमान में सिविल लाइन क्षेत्र के मंझवापारा रहकर व्यवसाय करते हैं। उनकी 2023 में फेसबुक के माध्यम से रेवती मैत्री से पहचान हुई। महिला ने खुद को दिल्ली की नैस्वीज रिटेल्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताया।

रेवती मैत्री ने कंपनी के स्टेमसेल्फ प्रोडक्ट फाइटोविज और अल्कलाइन वाटर आयोनाइजर मशीन के जरिए मोटे मुनाफे का लालच दिया। उसे बताया गया कि कंपनी से जुड़ने पर हर ग्राहक पर कमीशन मिलेगा और कुछ महीनों में रकम दोगुनी हो जाएगी। इसके बाद उसे इमरान खान और मोहम्मद रहीस से मिलवाया गया।

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तीनों ने कोरबा के दीनदयाल मार्केट स्थित सिटी सेंटर माल के दूसरे तल पर बने ऑफिस में भरोसा बढ़ाने वाली बातें की। आरोपित ने पहले छोटी रकम वापस कर यह साबित किया कि सिस्टम सही है।

इसके बाद अलग-अलग तिथियों में लगातार पैसा लगवाया गया। पीड़ित को यह भी बताया गया कि कंपनी के अचीवमेंट दिखाने के लिए कार खरीदनी है, ताकि नए लोग निवेश करें। इसी दिखावे में उसके पैसों से कोरबा कार्यालय में तीन एसी भी लगवाए गए।

पैसा मांगा तो झूठे केस में फंसाने दी धमकी

  • पीड़ित का आरोप है कि 2023 से जनवरी 2025 के बीच उससे ऑनलाइन 7.50 लाख रुपये और नकद आठ लाख रुपये लिए गए।
  • जब उसने पूरी राशि लौटाने की मांग की, तो आरोपितों ने उसे शांत रहने को कहा और भविष्य में एक साथ पैसा मिलने का भरोसा दिलाया।
  • बाद में उसे मारपीट, जान से मारने और बलात्कार जैसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाने लगी।
  • डर और दबाव के चलते पीड़ित काफी समय तक चुप रहा, लेकिन जब उसे यह स्पष्ट हो गया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है, तब उसने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।

ऐसे रची गई ठगी की स्क्रिप्ट, सोशल मीडिया से लेकर धमकी तक

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने ठगी के लिए पहले सोशल मीडिया को माध्यम बनाया। फेसबुक के जरिए संपर्क कर पीड़ित से दोस्ती बढ़ाई गई और भरोसा जीतने के बाद एक बड़ी और नामी कंपनी का हवाला देते हुए उसे निवेश के लिए तैयार किया गया। कंपनी के प्रोडक्ट, कमीशन सिस्टम और बड़े मुनाफे की बातें कर पीड़ित को यह भरोसा दिलाया गया कि यह एक सुरक्षित और लाभकारी निवेश है। इसके बाद कोरबा स्थित आफिस, कथित सीनियर कर्मचारियों और नेटवर्क का दिखावा कर निवेश को पूरी तरह विश्वसनीय बताया गया।

भरोसा जीतने कुछ रकम मुनाफे के रूप में वापस भी किया

आरोपितों ने शुरुआत में पीड़ित को कुछ रकम वापस लौटाई, ताकि उसे यह लगे कि निवेश से वाकई मुनाफा मिल रहा है। इसी भरोसे के सहारे उससे बार-बार और अधिक राशि निवेश करने का दबाव बनाया गया। जब पीड़ित ने अपनी पूरी रकम वापस मांगनी शुरू की, तो रवैया अचानक बदल गया। आरोप है कि पैसा लौटाने के बजाय उसे डराया गया और जान से मारने व झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई, ताकि वह शिकायत न कर सके और चुप बना रहे।

दो साल तक चला ठगी का पूरा सिलसिला

  • पीड़ित ने बताया कि ठगी की शुरुआत वर्ष 2023 में फेसबुक के जरिए संपर्क से हुई। मैसेज में ही उन्हें कंपनी से जुड़ने और दोगुना मुनाफा मिलने का लालच दिया गया।
  • जुलाई से नवंबर 2023 के बीच पीड़ित से पहली किस्तों में पैसा लिया गया और भरोसा बनाए रखने के लिए उसे कुछ रकम वापस भी की गई।
  • इसके बाद वर्ष 2024 के दौरान लगातार ऑनलाइन और नकद माध्यम से उससे बड़ी रकम वसूली जाती रही। जनवरी 2025 तक पीड़ित से ली गई कुल राशि 15 लाख 50 हजार रुपये तक पहुंच गई।
  • जब पीड़ित ने अपने पूरे पैसे की मांग की, तो आरोपितों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया और दबाव बनाकर शांत रहने को कहा।
  • आखिरकार डर और मानसिक तनाव से उबरकर पीड़ित ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी।



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