नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: इंटरनेट मीडिया रील्स और यूट्यूब वीडियो देखकर चोरी के तरीके सीखने वाले एक शातिर गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। शहरी और ग्रामीण थाना क्षेत्रों में हुई चोरी की आठ अलग-अलग घटनाओं में शामिल एक नाबालिग सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से करीब 28 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर, नकदी तथा चोरी में इस्तेमाल की गई बाइक जब्त की है।

संयुक्त कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता
पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिका राजनाला के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) और संबंधित थानों की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाया। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद यह पहला मौका है जब शहरी और ग्रामीण थाना क्षेत्रों की पुलिस ने मिलकर इतना बड़ा संयुक्त ऑपरेशन चलाया। चोरी के मामलों को सुलझाने के लिए कुल छह विशेष टीमों का गठन किया गया था।

खम्हारडीह और डीडी नगर से शुरू हुई जांच
खम्हारडीह थाना क्षेत्र के अवंति विहार सेक्टर-1 में सूने मकान का ताला तोड़कर लगभग डेढ़ लाख रुपये के जेवर और नकदी चोरी हुई थी। वहीं डीडी नगर के रोहिणीपुरम इलाके में बंद मकान से सोने के जेवर और 30 हजार रुपये नकद चोरी किए गए थे।
जांच के दौरान पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर संजय नेताम उर्फ गोलू (43) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 18 लाख रुपये का मशरूका, चोरी की दोपहिया वाहन और नकदी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार वह सिविल लाइन, तेलीबांधा और डीडी नगर थाना क्षेत्रों का पुराना बदमाश है, जिसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं।
पुरानी बस्ती में भी वारदात
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के कुशालपुर इलाके में परिवार के बाहर रहने के दौरान घर का ताला तोड़कर लगभग 95 हजार रुपये के जेवर और नकदी चोरी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने भूपेंद्र पटेल उर्फ गजनी (25) और करण टांडी (24) को गिरफ्तार किया। उनके पास से करीब दो लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी जब्त की गई।
ज्वेलरी दुकानों को ग्राहक बनकर बनाते थे निशाना
आरंग, पंडरी और बलौदाबाजार जिले के पलारी क्षेत्र में ज्वेलरी दुकानों में चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। आरोपित ग्राहक बनकर दुकान में घुसते, दुकानदार को बातचीत में उलझाते और मौका मिलते ही सोने के लाकेट या मंगलसूत्र लेकर फरार हो जाते थे।
इन मामलों में पुलिस ने प्रमोद कुमार चतुर्वेदी (22), रितेश कुर्रे (20) और एक विधि के साथ संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया। उनके पास से करीब पांच लाख रुपये के जेवर और चोरी की बाइक बरामद हुई।
यूट्यूब रील से सीखा अपराध
पुलिस जांच में सामने आया कि ज्वेलरी शॉप में चोरी करने वाले तीनों आरोपित साबुन फैक्ट्री में काम करते थे। जल्दी पैसा कमाने की चाहत में पहले वे इंटरनेट मीडिया के लिए रील बनाने की योजना बना रहे थे, लेकिन यूट्यूब पर उत्तरप्रदेश की एक रील देखने के बाद उन्होंने ज्वेलरी शॉप में चोरी का तरीका सीख लिया। उसी पैटर्न पर उन्होंने आरंग और अन्य क्षेत्रों में वारदातें कीं।
यह भी पढ़ें- 36 लाख का लोन दिलाने का झूठा भरोसा, महीनों तक चलता रहा 8.26 लाख की ठगी का खेल
तालाब किनारे गड्ढे में छिपाते थे माल
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि चोरी के बाद वे जेवर को अपने गांव के तालाब के पास गड्ढा खोदकर दबा देते थे ताकि पकड़े जाने पर माल बरामद न हो सके। उनकी योजना जेल से छूटने के बाद जेवर निकालकर बेचने की थी।
पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।