जमीन नहीं फिर भी मुआवजा तैयार, CGPSC आरोपित के बेटे के नाम 25 लाख… मैनपाट बाक्साइट खदान मामले में बड़ा खुलासा

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February 12, 2026


छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में बाक्साइट खनन के एवज में किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका सामने आई है। शिका …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 13 Feb 2026 01:34:41 AM (IST)Updated Date: Fri, 13 Feb 2026 01:34:41 AM (IST)

जमीन नहीं फिर भी मुआवजा तैयार, CGPSC आरोपित के बेटे के नाम 25 लाख...  मैनपाट बाक्साइट खदान मामले में बड़ा खुलासा
टामन सिंह सोनवानी के बेटे के अभिषेक का फार्म हाउस।

HighLights

  1. मैनपाट में 19 करोड़ मुआवजा प्रस्तावित
  2. CGPSC आरोपित के बेटे के नाम प्रकरण
  3. 51 डिसमिल भूमि पर 25 लाख तय

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम लिमिटेड को मैनपाट के उरंगा और बरिमा ग्राम में खनन लीज प्राप्त हुई है। इसके तहत फसल क्षति के लिए किसानों को मुआवजा दिया जाना है। उरंगा के 220 और बरिमा के 24 किसानों को भुगतान प्रस्तावित है। उरंगा में 15 करोड़ रुपये से अधिक और बरिमा में चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई थी। तहसीलदार और एसडीएम स्तर से वितरण को मंजूरी भी मिल चुकी थी।

सीजीपीएससी आरोपित के बेटे के नाम 25 लाख

उरंगा ग्राम में सीजीपीएससी घोटाले के आरोपित टामन सिंह सोनवानी के बेटे अभिषेक सोनवानी के नाम पर लगभग 51 डिसमिल भूमि पर बने फार्म हाउस और फलदार पौधों के लिए 25 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया था। जांच के दौरान टीम फार्म हाउस पहुंची, जहां केयर टेकर मौजूद मिला। जानकारी के अनुसार अभिषेक सोनवानी के नाम दो खसरा नंबर दर्ज हैं, जिनका बाक्साइट उत्खनन से कोई संबंध नहीं है, इसके बावजूद मुआवजा प्रकरण तैयार कर लिया गया था।

डेढ़ एकड़ जमीन पर 23 एकड़ का प्रकरण

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उरंगा ग्राम के एक किसान की डेढ़ एकड़ जमीन के बदले 23 एकड़ का मुआवजा प्रकरण बना दिया गया। संबंधित किसान का बयान दर्ज किया गया है, जिसमें उसने इस संबंध में अनभिज्ञता जताई है।

गांव के बाहर के नाम भी शामिल

जांच में 23 से अधिक ऐसे नाम सामने आए हैं, जो गांव के निवासी नहीं हैं। जिनके नाम पर मुआवजा प्रकरण तैयार किया गया, उनकी गांव में जमीन भी नहीं है। ऐसे लोगों से भूमि संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं।

कलेक्टर की सख्त कार्रवाई

शिकायत सामने आने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने मैनपाट की तहसीलदार ममता रात्रे और संबंधित हलका पटवारी को जांच पूरी होने तक जिला कार्यालय में सलंग्न कर दिया है। अपर कलेक्टर सुनील नायक की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मैनपाट में बाक्साइट खनन के लिए मुआवजा में अनियमितता की शिकायत सामने आई थी। अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है। अब तक की जांच में कुछ खसरों में अनियमितता पाई गई है। जांच होने तक मैनपाट की तहसीलदार और पटवारी को जिला कार्यालय संलग्न कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

-अजीत वसंत कलेक्टर, सरगुजा



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