राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ ने जिला कोषालय रायपुर में सहायक कोषालय अधिकारियों के अधिकारों के हनन एवं वित्त निर्देशों के विपरीत कार्य संपादन का गंभीर …और पढ़ें

HighLights
- नियमों को ताक पर रखकर पास हो रहे बिल, वित्तीय सुरक्षा को खतरा
- अधिकारियों की जगह ऑपरेटरों से काम कराने पर भड़का कर्मचारी संघ
- निष्पक्ष जांच न होने पर छत्तीसगढ़ में बड़े आंदोलन की तैयारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ ने जिला कोषालय रायपुर में सहायक कोषालय अधिकारियों के अधिकारों के हनन एवं वित्त निर्देशों के विपरीत कार्य संपादन का गंभीर आरोप लगाया है। संघ के प्रांताध्यक्ष ए. के. चेलक ने इस संबंध में संचालनालय कोष एवं लेखा को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
बिना परीक्षण के पारित किए जा रहे देयक
संघ के अनुसार वित्त निर्देश क्रमांक 13/2024 के तहत देयकों के त्रि-स्तरीय परीक्षण की स्पष्ट व्यवस्था है, किंतु व्यवहार में सहायक कोषालय अधिकारियों द्वारा परीक्षण किए बिना ही देयक पारित किए जा रहे हैं। आरोप है कि कई मामलों में भुगतान आदेशों का परीक्षण सीधे डाटा एंट्री ऑपरेटर से कराया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है।
वैधानिक भूमिका को दरकिनार करने की शिकायत
इसके अतिरिक्त एनपीएस, जीपीएफ एवं अन्य वित्तीय प्रकरणों में भी सहायक कोषालय अधिकारियों की वैधानिक भूमिका को दरकिनार किए जाने की शिकायत सामने आई है। संघ का कहना है कि यदि कोई अधिकारी नियमानुसार आपत्ति दर्ज करता है तो संबंधित प्रकरण को अन्य माध्यम से पारित करा दिया जाता है, जो प्रशासनिक मर्यादा एवं वित्तीय उत्तरदायित्व के विरुद्ध है।
जांच की मांग और आंदोलन की चेतावनी
प्रांताध्यक्ष ए. के. चेलक ने कहा कि यह स्थिति न केवल अधिकारियों के अधिकारों का हनन है, बल्कि भविष्य में वित्तीय अनियमितताओं को भी जन्म दे सकती है। उन्होंने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर नियमसम्मत कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र उचित कार्यवाही नहीं की गई तो संगठन व्यापक स्तर पर आंदोलनात्मक निर्णय लेने के लिए बाध्य होगा।