रायपुर में डॉग रेस्क्यू संस्था की आड़ में गुंडागर्दी का मामला सामने आया, गर्भवती महिला से मारपीट, कुत्ता भी छीना

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March 8, 2026


रायपुर में डॉग रेस्क्यू संस्था की आड़ में गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। चार माह की गर्भवती महिला के साथ मारपीट करने, मोबाइल और कुत्ता छीनने तथा धम …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 08 Mar 2026 09:18:08 AM (IST)Updated Date: Sun, 08 Mar 2026 09:19:46 AM (IST)

रायपुर में  डॉग रेस्क्यू संस्था की आड़ में गुंडागर्दी का मामला सामने आया, गर्भवती महिला से मारपीट, कुत्ता भी छीना

HighLights

  1. पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज
  2. मोबाइल फोन भी छीनने का आरोप
  3. प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में डॉग रेस्क्यू संस्था की आड़ में गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के भाठागांव चौक में चार माह की गर्भवती महिला के साथ मारपीट करने, उसका मोबाइल और कुत्ता छीनने तथा धमकी देने के आरोप में पुलिस ने किरण घनश्याम आहूजा सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।

पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज

जानकारी के अनुसार पीड़िता गुरप्रीत कौर गिल ने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि भाठागांव चौक के पास डाग रेस्क्यू का दावा करने वाली किरण घनश्याम आहूजा अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंची। किसी बात को लेकर हुए विवाद के दौरान आरोपितों ने गर्भवती महिला से अभद्र व्यवहार करते हुए उसके साथ मारपीट की।

मोबाइल फोन और कुत्ता भी छीनने का आरोप

पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान आरोपितों ने उसका मोबाइल फोन और कुत्ता भी छीन लिया और संस्था का नाम लेकर उसे धमकाते हुए वहां से चले गए। घटना के बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस से की।

प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई, एफआईआर दर्ज

शिकायत पर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपित किरण घनश्याम आहूजा सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज कर ली है।

ग्वालियर जीवाजी विवि में कुत्तों को खाना खिलाने पर हो चुका है विवाद

ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में आवारा कुत्तों को खाना, बिस्कुट या अन्य खाद्य सामग्री खिलाने पर लगाए गए प्रतिबंध ने नया विवाद खड़ा कर दिया था। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में परिसर में साइन बोर्ड लगाकर कुत्तों को भोजन कराने पर रोक की सूचना जारी की गई थी। इसके बाद पूर्व सांसद और पशु अधिकारों की मुखर आवाज मेनका गांधी ने इस निर्णय पर आपत्ति दर्ज कराई थी।

छात्रों, कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उद्देश्य बताया था

दरअसल, लगभग 15 दिन पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में कुत्तों द्वारा कुछ लोगों को काटे जाने की घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद सुरक्षा और विद्यार्थियों की चिंता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध का उद्देश्य किसी पशु के प्रति कठोरता नहीं, बल्कि परिसर में आने-जाने वाले छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।



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