Sudhakar had prepared the syllabus for Naxalite education centers | सुधाकर ने बनाया था नक्सली शिक्षा केंद्रों का सिलेबस: अ से असलहा और ब से बंदूक पढ़ाता था; बीजापुर में नक्सलियों का सीसी मेंबर और एजुकेशन हेड सुधाकर ढेर – Raipur News

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June 6, 2025



बीजापुर में फोर्स ने नक्सलियों के सीसी मेंबर और एजुकेशन हेड नर सिंहाचलम उर्फ सुधाकर को ढेर कर दिया गया है। सुधाकर नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी मेंबर तो था ही लेकिन उसने पूरे दंडकारण्य क्षेत्र में बच्चों और युवाओं के माइंड वॉश के लिए शिक्षा केंद्रों की

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सुधाकर कितना शातिर था इसे इस बात से समझा जा सकता था कि उसने जो सिलेबस बनाया था उसमें बेसिक शिक्षा से ही वह बच्चों के मन में नक्सलवाद और हिंसा के प्रति एक नई सोच विकसित करता था। नक्सलियों का जो पहला सिलेबस सामने आया था उसमें अ से असलहा और ब से बंदूक जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।

इस तरह अंग्रेजी के वर्णमाला में भी ए से ऐके-47 और बी से बम जैसे शब्दों का उपयोग किया गया था।

सुधाकर ने नक्सली पाठशाला में कोई निर्धारित पाठयक्रम या सिलेबस नहीं रखा था। उसने ऐसा सिस्टम बनाया था कि नक्सलियों द्वारा चलाए जाने वाले शिक्षा केंद्रों में वे अपने विचारधारा और सिद्धांतों को बच्चों को सिखा सकें इसके तहत सशस्त्र संघर्ष, सरकार के खिलाफ विद्रोह और उनकी नीतियों का विरोध शामिल था।

सुधाकर ने नक्सली पाठशाला में शिक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को नक्सली विचारधारा से परिचित कराने का उद्देश्य रखा था। इन पाठशालाओं को ऐसा बनाया गया कि यहां से पढ़ने वाले बच्चे और युवा हथियार चलाने और संघर्ष में शामिल होने के लिए तैयार हो जाएं।

इन पाठशालाओं में बच्चों को वामपंथी विचारधारा, नक्सलवाद के इतिहास और नक्सली नेताओं के बारे में बताए जाने की व्यवस्था की गई। नक्सली पाठशाला में शिक्षा का पाठ्यक्रम विषयगत नहीं होता है, बल्कि वह नक्सली संगठन की विचारधारा और रणनीति पर आधारित होता है। बच्चों को नक्सलवाद की विचारधारा, माओवाद और कम्युनिस्ट क्रांति के सिद्धांतों को सिखाए जाने की शुरुआत सुधाकर के नेतृत्व में ही हुई थी।

अत्याचारों की कहानी सुनाकर नक्सलवाद से युवाओं को जोड़ना शुरू करवाया नक्सली पाठशाल की स्थापना के बाद इनका उपयोग व्यापक तौर पर किया जाने लगा। यह सुधाकर की ही प्लानिंग थी कि नक्सली पाठशाला में बड़े नक्सली लीडरों का व्याख्यान शुरू करवाया गया। वे यहां अपनी विचारधारा बच्चों और युवाओं को बताते थे। इस दौरान माइंड वॉश के लिए पुलिस, वन विभाग और सरकार की ओर से स्थानीय लोगों पर अत्याचार की कहानी भी बच्चों को बताते थे और उनका माइंड वॉश कर अपने संगठन से जोड़ते थे।

बौखलाए नक्सलियों ने गाड़ी को आग लगा दी

नक्सल लीडर सुधाकर के मारे जाने से बौखालाए माओवादियों ने भैरमगढ़ इलाके में एक निजी ट्रांसपोर्ट वाहन को आग लगा दी। घटना गुरुवार की रात 9 बजे के करीब की है। पुलिस को कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने जानकारी दी कि ग्रामीण वेशभूषा में 5-6 माओवादियों ने कर्रेंमरका-भैरमगढ़ के मध्य निजी ट्रान्सपोर्ट वाहन को रोककर पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया।

इसके बाद सड़क पर आवागमन बंद हो गया। लोगों से मिली सूचना के बाद पुलिस की एक पार्टी मौके पर पहुंची और जली हुई गाड़ी को सड़क के किनारे लगवाकर यातायात को सामान्य करवाया गया। क्षेत्र में सघन गश्त सर्चिंग जारी है ।

तेलंगाना में छुट्टी मनाकर जैसे ही छत्तीसगढ़ में घुसा, मारा गया

प्रदीप गौतम की रिपोर्ट नक्सलियों के महासचिव गगन्ना उर्फ बासव राजू को अबूझमाड़ में ढेर करने के बाद एक बार फिर से जवानों को बीजापुर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व इलाके में बड़ी सफलता मिली है। जवानों ने नक्सलियों के एक और बड़े लीडर और सीसी मेंबर एक करोड़ के इनामी सुधाकर उर्फ गौतम उर्फ नरसिम्हाचलम को एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया है।

जिस स्थान पर एनकाउंटर हुआ है वहां नक्सलियों और जवानों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। भारी गोलाबारी के बीच जवानों ने सुधाकर को ढेर किया है। जंगल के सूत्रों के मुताबिक सुधाकर पिछले कुछ समय से छुट्टी पर था इस बीच बस्तर में फोर्स का दबाव बढ़ रहा था। ऐसे में वह छुट्टियों से लौटकर यहां सक्रिय होकर नए सिरे से दहशत फैलाने के लिए आ रहा था।

छुट्टी से लौटे सुधाकर को लोकल कैडर बुधवार को अन्नपुर से लेकर छत्तीसगढ़ लौटे थे। वह कड़ी सुरक्षा में आगे बढ़ रहा था और सुरक्षित जंगलों में पहुंच भी गया था। लेकिन सुधाकर के छुट्टी से वापस लौटने की जानकारी और किस जंगल में वह छिपा हुआ है उसकी लोकेशन फोर्स को पहले से ही पता चल गई थी। ऐसे में फोर्स ने उसे घेरने की पूरी प्लानिंग कर रखी थी।

इसके बाद जैसे ही वह अपने सुरक्षित स्थान पर पहुंचा वैसे ही जवानों ने उसे ढेर कर दिया। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि एक मुठभेड़ में गौतम उर्फ सुधाकर को मार गिराया गया है वह एक करोड़ का इनामी नक्सली था। आईजी ने बताया कि फोर्स अभी भी ऑपरेशन पर है।

रूपेश भी था मौके पर, बच निकला नक्सली बैठक नहीं कर पा रहे इधर सुधाकर के साथ मौके पर नक्सली लीडर रूपेश भी मौजूद था भारी गोलाबारी के बीच वह मौके से सुरक्षित निकल गया है। बताया जा रहा है कि यहां पापा राव, बंडी प्रकाश व कुछ अन्य बड़े नक्सली लीडर भी मौजूद थे। फोर्स अभी भी जंगलों में ही मौजूद हैं और ऑपरेशन को जारी रखे हुए है। बताया जा रहा है कि जवान कुछ नक्सलियों के पीछे लगे हुए हैं। बासव राजू के मारे जाने के बाद नक्सली एक साथ इकट्ठा नहीं हो पा रहे हैं, बड़े नक्सली लीडर की लोकेशन पुलिस ट्रेस करने में कामयाब हो रही है।



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