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राजधानी रायपुर में सिटी बसें ठीक से चल ही नहीं रही और नगर निगम विज्ञापन एजेंसियों को फायदा पहुंचाने के लिए एसी बस स्टॉप बनवा रहा है। पिछले छह साल में बने 10 एसी बस स्टॉप का आज तक कोई उपयोग ही नहीं हुआ। अब एक बार फिर निगम ने शहर की एक बड़ी विज्ञापन एज
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राजधानी बनने के करीब आठ साल बाद रायपुर में सिटी बसें चलाने की योजना शुरू हुई। 2008 से 2025 तक सिटी बसों की खरीदी पर 45 करोड़ से ज्यादा खर्च किए गए। एक समय शहर में करीब 95 सिटी बसें चलती थी। यह घटकर 36 हो गई। बस आपरेट करने वाली एजेंसी का कहना है कि 36 में से कुछ बसें रिजर्व रखनी पड़ रही है। मुश्किल से 20-25 बसें ही चल रही हैं।
100 ई-बसें मिलेंगी रायपुर को
रायपुर नगर निगम केंद्र सरकार की ओर से ई-बसें आने का इंतजार कर रही है। शहर में 100 ई-बसें आनी है। केंद्र ने ही बसें सप्लाई करने वाली एजेंसी से तय की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में ई-बस योजना शुरू हुई है। देश में कुछ गिनी-चुनी कंपनियां ही ई-बसें बना रही हैं। बताया जा रहा है कि अभी भी ई-बस आने में छह महीने से लेकर सालभर का वक्त लग सकता है।
20 साल बाद निगम को मिलेगा कबाड़
निगम ने 10 मई 2019 को शहर में 10 एसी बस स्टॉप बनाने के लिए रायपुर की फर्म एएस एडवरटाइजर्स को ठेका दिया था। यह ठेका बीओटी आधार पर 20 साल के लिए दिया गया। एजेंसी को बस स्टॉप बनाने थे। दस नए बस स्टॉप बनाने का ठेका भी इसी आधार पर दिया गया है। इसके एवज में निगम ने उन्हें 17 यूनीपोल और 10 मिनी यूनीपोल लगाकर विज्ञापन करने का अधिकार दिया है। भास्कर ने जब पुराने बस स्टॉप की पड़ताल की तो वह तय मापदंडों के अनुरूप नहीं मिले।
एसी बस स्टॉप पर बड़ा खेल
छह साल पहले निगम ने करीब 10 एसी बस स्टॉप बनाए थे। रायपुर की बड़ी विज्ञापन एजेंसी एएस एडवरटाइजर्स को इसका ठेका दिया गया। शहर में पिछले पांच-छह साल से एसी बसें चल ही नहीं रही हैं। इन एसी बस स्टॉप का कोई उपयोग ही नहीं हुआ। इसके एवज में ठेका कंपनी ने शहर में अलग-अलग जगहों पर यूनीपोल लगाकर विज्ञापन कर रही है। बसों का अता-पता नहीं और नगर निगम ने पुरानी शर्तों पर फिर से उसी एजेंसी को 10 नए एसी बस स्टॉप बनाने का ठेका दे दिया। नियम-शर्तें भी वही है, जो कोरोना के दौर में तय की गई थीं। उस समय बसें चल ही नहीं रही थीं। अभी भी शहर में एक भी एसी बसें नहीं चल रही हैं।