3600 children are malnourished, eggs are not available since April | 3600 बच्चे कुपोषित, अप्रैल से नहीं मिल रहे अंडे – Bastar News

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July 3, 2025



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जिले में कुपोषण से निपटने महिला बाल विकास विभाग द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, पर इनका क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं होने से इसका लाभ गर्भवती माताओं और आंगनबाड़ी के बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। जिले में अभी भी 3600 बच्चे कुपोषित हैं, पर इसको दूर करने चलाई जा रही योजना आंगनबाड़ी केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

जिले में 1141 स्तनपान करवाने वाली महिला हैं और 1923 गर्भवती माता हैं, 14 हजार 3 सौ 66 बच्चे आंगनबाड़ी में दर्ज हैं। विभाग का दावा है इनको हर महीने पोषण आहार और गर्म भोजन दिया जाता है, पर मसेनार नाकापारा आंगनबाड़ी केंद्र में 4 बच्चे नजर आए वह भी आंगनबाड़ी में नहीं अस्पताल के बरामदे में बैठे मिले। सहायिका ने बताया आंगनबाड़ी की छत टपक रही है, बच्चों को यहीं बिठाया जाता है। सहायिका ने बताया चावल नहीं है कोसरा चावल बनाएंगी, रेडीटूईट भी नहीं है। सियानार के डोंगरीपारा केंद्र में सहायिका ने बताया दिसंबर से चावल नहीं मिला है, मावा दोड़ा के पैकेट मिले हैं, जिसे बच्चे खाते नहीं हैं, चावल घर से लाकर बच्चों को खिलाने की बात सहायिका राधा ने बताई।

कुआकोंडा परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्र में भी बच्चों के बैठने तक की जगह नहीं है, जिसकी वजह से योजनाएं नहीं चल पा रहीं हैं। सबसे ज्यादा कुपोषण की दर में कमी 2024 में महिला बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश ने बताया वर्ष 2024 में 4 प्रतिशत कुपोषण में कमी आई है, कुपोषण में तेजी से कमी आ रही है। माता-पिता को भी बच्चों पर ध्यान देना होगा जिससे कुपोषण में कमी आए।



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