Krishak Unnati Yojana से बढ़ेगी किसानों की आत्मनिर्भरता, दलहन, तिलहन की खेती पर भी अब मिलेगा इतना लाभ

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July 16, 2025


नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: राज्य शासन की कृषक उन्नति योजना का लाभ (Krishak Unnati Yojana benefits) अब केवल धान उत्पादकों को ही नहीं, बल्कि दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलें लेने वाले किसानों को भी मिलेगा। ऐसे किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की आदान सहायता राशि दी जाएगी। कृषि विभाग ने इसके विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

फसल विविधीकरण से बढ़ेगी आत्म निर्भरता

बता दें कि प्रदेश का अधिकांश कृषि क्षेत्र वर्षा पर आधारित है, जहां मौसमीय अस्थिरता और बढ़ती लागत के कारण किसान उन्नत बीज, उर्वरक और तकनीक में निवेश नहीं कर पाते। ऐसे में कृषक उन्नति योजना किसानों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत धान छोड़कर अन्य फसलों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है ताकि फसल विविधीकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिले।

डीबीटी के माध्यम से मिलेगी सहायता

जो किसान एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत हैं और गिरदावरी में उनके रकबे की पुष्टि हो गई है, उन्हें प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। वहीं, धान बेचने वाले पंजीकृत किसानों को धान की किस्म के अनुसार अधिकतम 15,351 तक की सहायता राशि मिलेगी।

कौन नहीं होगा योजना का पात्र

ट्रस्ट, प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां, मंडल, शासकीय संस्थान और कालेज इस योजना के लाभ से वंचित रहेंगे। बीज उत्पादक किसानों द्वारा विक्रय किए गए धान बीज पर सहायता राशि का भुगतान बीज निगम के समन्वय से किया जाएगा।

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इस संबंध में पीडी हथेश्वर, उप संचालक कृषि, बिलासपुर ने कहा कि जिले में कोदो, उड़द, अरहर जैसी फसलों के बीज समितियों में उपलब्ध हैं। किसान इन फसलों को अपनाकर योजना का लाभ ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों या विकासखंड कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।



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