रेल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए रेलवे ने महिला और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष कोच आरक्षित कर रखे हैं। बावजूद इसके, कुछ यात्री इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। गुरुवार को इनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
By Akash Pandey
Publish Date: Fri, 25 Jul 2025 09:32:25 AM (IST)
Updated Date: Fri, 25 Jul 2025 09:33:00 AM (IST)

HighLights
- रेलवे के नियमों को ताक पर रखने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई।
- महिला और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष आरक्षित कोच में सफर ।
- आरपीएफ की मेमू पैसेंजर ट्रेनों में औचक जांच करने के बाद कार्रवाई।
बिलासपुर। रेल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए रेलवे ने महिला और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष कोच आरक्षित कर रखे हैं। बावजूद इसके, कुछ यात्री इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। गुरुवार को आरपीएफ ने गोंदिया-झारसुगुड़ा और झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर ट्रेन में औचक जांच अभियान चलाया।
जांच में पाया गया कि दिव्यांग कोच में कई सामान्य यात्री बैठे थे, जबकि वे पूरी तरह सक्षम थे। महिला कोच में भी पुरुष यात्रियों का कब्जा मिला। आरक्षित कोचों का यह गलत उपयोग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि असली हकदार यात्रियों के लिए असुविधा और असुरक्षा का कारण भी बनता है।
आरपीएफ की कार्रवाई
आरपीएफ ने तत्काल इन यात्रियों को कोच से बाहर निकाला और आरपीएफ पोस्ट लाया। महिला कोच में कब्जा करने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 162 के तहत, जबकि दिव्यांग कोच में बैठे यात्रियों पर धारा 155 के तहत अपराध दर्ज किया गया।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। पांच ऑटो चालकों पर मामला दर्ज किया गया है। आरपीएफ अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और आरक्षित कोचों में अनधिकृत रूप से प्रवेश न करें, ताकि सभी को सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।