शिक्षा विभाग ने गंभीर आरोपों में घिरे दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में जरा सी भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
By Akash Pandey
Publish Date: Sat, 26 Jul 2025 10:55:16 AM (IST)
Updated Date: Sat, 26 Jul 2025 11:02:19 AM (IST)

HighLights
- शिक्षा विभाग ने गंभीर आरोपों में घिरे दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है।
- दोनों शिक्षकों पर छात्रा और सहकर्मी से छेड़खानी का आरोप लगाया गया है।
- अधिकारियों ने कहा ऐसे मामलों में अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: शिक्षा विभाग(Chhattisgarh education department) ने गंभीर आरोपों में घिरे दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। एक मामला कक्षा 11वीं की छात्रा से अनैतिक कृत्य का है, जिसमें आरोपित व्याख्याता को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। दूसरा मामला महिला सहकर्मी से छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना का है, जिसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है।
पहला मामला: छात्रा से अनैतिक कृत्य
जिले के एक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ व्याख्याता कल्याण कुमार भोई पर छात्रा से अनैतिक हरकत करने का आरोप लगा था। छात्रा के अभिभावक की शिकायत पर थाना कोटा में पाक्सो एक्ट( POCSO Act) और धारा 74 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई। 29 मार्च को व्याख्याता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। चूंकि वह 48 घंटे से अधिक समय तक जेल में रहा, इसलिए नियम 9(2)(क) के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उसका मुख्यालय बीईओ तखतपुर कार्यालय रहेगा।
दूसरा मामला: महिला कर्मचारी से छेड़छाड़
शासकीय कन्या प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक मनोज कुमार अनंत पर महिला कर्मचारी ने बार-बार छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। यह शिकायत प्राचार्य और बीईओ कोटा के माध्यम से मिली। जिला स्तर की जांच समिति ने आरोपों को सही पाया। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन पर मनोज अनंत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उनका मुख्यालय शासकीय हाई स्कूल, तेंदुआ तय किया गया है।
शिक्षा विभाग का सख्त संदेश
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। दोनों मामलों में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।