फार्मासिस्ट भर्ती: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बी.फार्मा डिग्रीधारियों को भी आवेदन का मौका

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July 26, 2025


छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने फार्मासिस्ट (ग्रेड-2) भर्ती प्रक्रिया में बी.फार्मा डिग्रीधारियों को आवेदन से वंचित किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। चलिए, जानते हैं कि हाई कोर्ट ने क्या है

By Akash Pandey

Publish Date: Sat, 26 Jul 2025 11:41:40 AM (IST)

Updated Date: Sat, 26 Jul 2025 11:56:18 AM (IST)

फार्मासिस्ट भर्ती: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बी.फार्मा डिग्रीधारियों को भी आवेदन का मौका
फार्मासिस्ट (ग्रेड-2) भर्ती प्रक्रिया में बी.फार्मा डिग्रीधारियों के लिए बड़ी राहत।

HighLights

  1. फार्मासिस्ट (ग्रेड-2) भर्ती प्रक्रिया में बी.फार्मा डिग्रीधारियों के लिए बड़ी राहत।
  2. भर्ती प्रक्रिया में बी.फार्मा डिग्रीधारियों को भी शामिल करने के लिए कहा ।
  3. हाई कोर्ट ने बी.फार्मा डिग्रीधारियों को भर्ती प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है ।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट(Chhattisgarh High Court order) ने फार्मासिस्ट (ग्रेड-2) भर्ती(Pharmacist recruitment) प्रक्रिया में बी.फार्मा डिग्रीधारियों(B.Pharm eligibility) को आवेदन से वंचित किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। हाई कोर्ट की युगलपीठ ने राज्य शासन और सीजी व्यापम को निर्देशित किया है कि बी.फार्मा डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को भी आवेदन का अवसर दिया जाए।

कोर्ट का निर्देश

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए कहा कि आवेदन की अंतिम तिथि 25 जुलाई 2025 शाम 5 बजे तक है। ऐसे में राज्य शासन तत्काल सीजी व्यापम को आवश्यक निर्देश दे, ताकि बी.फार्मा डिग्रीधारी भी पोर्टल पर आवेदन कर सकें। यह आदेश सभी पात्र बी.फार्मा अभ्यर्थियों पर लागू होगा, जो विज्ञापन में बताई गई अन्य शर्तें पूरी करते हैं।

यह है पूरा मामला

स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन ने 30 जून 2025 को फार्मासिस्ट ग्रेड-2 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। विज्ञापन में केवल डिप्लोमा इन फार्मेसी (डी.फार्मा) धारकों को ही पात्र माना गया था, जबकि बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी.फार्मा) अथवा उच्च डिग्रीधारियों को आवेदन से बाहर रखा गया।

याचिकाकर्ताओं की आपत्ति

राहुल वर्मा सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने इस वर्गीकरण को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में रिट याचिका क्रमांक 8548/2025 दाखिल की। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने तर्क दिया कि उच्च डिग्रीधारियों को अयोग्य ठहराना संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है और यह निर्णय मनमाना है।

राज्य को स्पष्ट आदेश

कोर्ट ने राज्य शासन को पोर्टल में बदलाव कर इसका प्रचार-प्रसार करने और सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश की जानकारी देने को कहा है, ताकि कोई योग्य अभ्यर्थी आवेदन से वंचित न रहे।



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