रावतपुरा मेडिकल कॉलेज घूसकांड के चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, अगली सुनवाई 4 अगस्त को

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July 27, 2025


By Roman Tiwari

Publish Date: Sun, 27 Jul 2025 03:54:27 PM (IST)

Updated Date: Sun, 27 Jul 2025 04:02:24 PM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, नवा रायपुर से जुड़े मेडिकल कॉलेज रिश्वतकांड मामले में शनिवार को सीबीआइ की विशेष अदालत ने चार आरोपितों की जमानत याचिका खारिज कर दी हैं। रावतपुरा कॉलेज के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी, डॉ. मंजप्पा सीएन, डॉ. चित्रा एमएस और डॉ. सतीशा ए शामिल हैं।

अदालत ने यह निर्णय प्रकरण की संवेदनशीलता और इस आधार पर लिया कि सभी आरोपी अन्य राज्यों के निवासी हैं, जिससे उनके फरार होने की आशंका बनी रहती है। सीबीआई के स्पेशल जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में जांच अभी प्रारंभिक दौर में है और आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी।

गौरतलब है कि इस मामले में फर्जी तरीके से मेडिकल काउंसिल से मान्यता दिलाने के लिए 55 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, यह रकम हवाला चैनलों के जरिए ट्रांसफर की गई थी ताकि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की निरीक्षण रिपोर्ट पक्ष में आ सके।

सीबीआई ने निरीक्षण टीम को घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा था। जांच में राजफाश हुआ है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कई राज्यों के मेडिकल कालेजों में मान्यता दिलाने के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ है।

भूपेश के खिलाफ रिविजन याचिका पर 26 अगस्त को सुनवाई

कथित अश्लील सीडीकांड की सुनवाई 26 अगस्त को सीबीआई के स्पेशल कोर्ट में होगी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ सीबीआई द्वारा लगाई गई रिविजन याचिका पर सुनवाई होनी थी, जिस पर बचाव पक्ष को अपना तर्क प्रस्तुत करना था।

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इसी प्रकरण में आरोपी बनाए गए कैलाश मुरारका, विजय भाटिया, विनोद वर्मा और विजय पंड्या के आवेदन पर भी सुनवाई निर्धारित थी। सीबीआई ने इन दोनों ही प्रकरणों में अपना पक्ष रखने के लिए न्यायालय से समय का अनुरोध किया, जिसे विशेष न्यायाधीश ने स्वीकार करते हुए सुनवाई की तिथि को आगे बढ़ा दिया।

गौरतलब है कि कथित सेक्स सीडीकांड में पूर्व सीएम भूपेश बघेल को आरोप से उन्मोचित किया गया था। सीबीआइ ने इसी के खिलाफ रिविजन याचिका दायर की है। सीडीकांड के अन्य आरोपितों ने भी सीबीआइ की जांच पर सवाल उठाते हुए स्वयं को निर्दोष बताते हुए आवेदन प्रस्तुत किए हैं।



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