Chhattisgarh Kawardha- Young man commits suicide by hanging himself | कवर्धा में युवक ने फांसी लगाकर की खुदकुशी: कांग्रेस बोली-पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर की आत्महत्या, भाई पर था चोरी का आरोप – kabirdham News

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July 31, 2025


कबीरधाम जिले में गुरुवार को एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और कांग्रेस ने शाम 5 बजे नेशनल हाईवे-130 (ए) पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। यह मामला बोड़ला थाना क्

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जानकारी के मुताबिक, माखन यादव (35) ने खुदकुशी की है। जिसके बाद शव लेकर पांडातराई के बिजली सब-स्टेशन के सामने एनएच-130(ए) पर जाम लगा दिया गया। आरोप है कि चोरी के माल की बरामदगी के नाम पर माखन और उसके परिवार को बार-बार थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा था। बुधवार को भी माखन को दिनभर थाने में रखा गया और रात 11 बजे छोड़ा गया।

मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग

कांग्रेस युवा के प्रदेश उपाध्यक्ष तुकाराम चंद्रवंशी और रवि चंद्रवंशी ने कहा कि, पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर माखन ने जान दी है। प्रदर्शनकारियों ने मुआवजा और कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही बोड़ला थाना प्रभारी राजेश चंड को सस्पेंड किया जाए और माखन की मौत की जांच हो।

रात पौने 9 बजे तक जारी रहा प्रदर्शन

गुरुवार रात पौने 9 बजे तक चक्काजाम जारी रहा। हाईवे पर दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। आवाजाही पूरी तरह ठप रही। मौके पर बोड़ला एसडीओपी अखिलेश कौशिक, तहसीलदार और पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।

थाना प्रभारी ने आरोपों को किया खारिज

थाना प्रभारी राजेश चंड ने आरोपों को खारिज करते कहा कि, चोरी के मामले में गोपाल यादव को गिरफ्तार किया गया है। माखन या उसके परिवार से कोई पूछताछ नहीं की गई और न ही फोन पर बात हुई। प्रताड़ना के आरोप बेबुनियाद हैं।

ये है पूरा मामला

पूरा मामला 7 जून को ग्राम बोल्दा कला में हुई चोरी से जुड़ा है। एक घर से 2.30 लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के गहनों समेत 3.27 लाख की चोरी हुई थी। पुलिस ने बीएनएस की धारा 331(3), 305(क) के तहत केस दर्ज किया है। 26 जुलाई को मुकेश पटेल और मन्नू पटेल को गिरफ्तार किया गया। उनसे 13 हजार रुपए बरामद हुए।

पूछताछ में दोनों ने बताया कि बाकी रकम और गहने गोपाल यादव के पास हैं। 29 जुलाई को गोपाल यादव की गिरफ्तारी हुई, लेकिन चोरी का माल नहीं मिला। गोपाल को जेल भेज दिया गया। आरोप है कि पुलिस चोरी का सामान बरामद करने के लिए उसके बड़े भाई माखन और परिवार को परेशान कर रही थी। इसी से तंग आकर माखन ने जान दे दी।



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