छत्तीसगढ़ के कृषि(Chhattisgarh Agriculture Minister) मंत्री रामविचार नेताम(Ramvichar Netam) की छवि खराब करने की सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। चलिए, आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है।
By Deepak Shukla
Publish Date: Sat, 02 Aug 2025 12:33:23 AM (IST)
Updated Date: Sat, 02 Aug 2025 12:33:23 AM (IST)

HighLights
- छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री को बदनाम करने की बड़ी साजिश।
- प्रधानमंत्री कार्यालय को फर्जी शिकायत पत्र भेजा गया।
- पुलिस साजिश के पीछे के उद्देश्य की जांच कर रही है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), देश के विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ मंत्रियों और मीडिया संस्थानों को झूठी शिकायतें(Fake complaint letters) भेजकर छत्तीसगढ़ के कृषि(Chhattisgarh Agriculture Minister) मंत्री रामविचार नेताम(Ramvichar Netam) की छवि खराब करने की सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। रायपुर के कारोबारी राहुल हरितवाल की शिकायत पर थाना राखी में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
क्या है मामला?
फर्जी लेटरपैड का खुलासा कैसे हुआ?
शिकायत पत्र मिलने के बाद राहुल ने जब सुनील घनवट से संपर्क किया तो उन्होंने इस तरह की किसी भी शिकायत से इनकार किया। उन्होंने तुरंत पुणे पुलिस कमिश्नर को इसकी लिखित शिकायत दी और रायपुर पहुंचकर राखी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई।
कहां से भेजे गए पत्र?
जांच में पता चला कि शिकायतें कोरबा के हसदेव उप डाकघर से भेजी गई थीं। मौके पर पूछताछ में जानकारी मिली कि दो युवक बाइक से आए थे और करीब 80-90 शिकायतें रजिस्टर्ड डाक से पोस्ट करके चले गए।
कौन हैं आरोपी?
मोबाइल नंबर के आधार पर उनकी पहचान मोहन मिरी और कमल वर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने चार-पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे मंत्री की छवि धूमिल करने की गहरी साजिश मान रही है। आरोपियों की भूमिका और साजिश के पीछे के उद्देश्य की जांच की जा रही है।