जयपुर से पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर शेयर ट्रेडिंग ठग, देश भर के 57 थानों में दर्ज मामले

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August 8, 2025


शेयर ट्रेडिंग में लाभ का झांसा देकर रायपुर के व्यापारी से 59 लाख की ठगी करने वाले शातिर ठग को पुलिस ने जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ठग ने देश भर में कई सारे ठगी के वारदातों को अंजाम दिया है। देश के 57 से ज्यादा अलग-अलग थानों में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज है।

By Roman Tiwari

Publish Date: Fri, 08 Aug 2025 10:31:32 AM (IST)

Updated Date: Fri, 08 Aug 2025 10:33:35 AM (IST)

जयपुर से पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर शेयर ट्रेडिंग ठग, देश भर के 57 थानों में दर्ज मामले
शातिर शेयर ट्रेडिंग ठग जयपुर से गिरफ्तार

HighLights

  1. शातिर शेयर ट्रेडिंग ठग जयपुर से गिरफ्तार
  2. देश भर के 57 थानों में दर्ज है ठगी के मामले
  3. रायपुर के व्यापारी से 59 लाख की धोखाधड़ी

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: शेयर ट्रेडिंग के माध्यम से ठगी करने वाले जयपुर के शातिर ठग प्रदीप जैन को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसने रायपुर के व्यापारी से 59 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। पता चला कि आरोपी के विरुद्ध देशभर के 57 से अधिक थानों और साइबर सेल में अपराध दर्ज हैं। वह मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र और गुजरात में भी धोखाधड़ी कर चुका है, लेकिन हर बार पहचान बदलकर बच निकलता था।

रायपुर के जयश्री विहार निवासी व्यापारी विकास लाहोटी की शिकायत पर 24 जून 2024 को साइबर थाना में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। लाहोटी ने बताया कि उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया, जिसमें सामने वाले ने खुद को शेयर मार्केट का विशेषज्ञ बताया और निवेश का लालच दिया। इसके बाद फोन, मैसेज और किस्तों में पैसे ट्रांसफर करने का क्रम शुरू हुआ।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाई। तकनीकी जांच में पता चला कि प्रदीप जैन फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलता था। पुलिस ने वाट्सएप चैट, काल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से उसकी लोकेशन ट्रेस की। सात अगस्त को उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। पुलिस को संदेह है कि वह एक गिरोह के साथ मिलकर काम कर रहा है।

पुलिस ने कावड़िया बन ठगों को पकड़ा

रायपुर पुलिस ने मोबाइल चोरी कर यूपीआइ से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना देवा उर्फ देव कुमार महतो सहित चार आरोपियों को झारखंड और कोलकाता से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कांवड़िए बनकर निगरानी की और दबिश दी।

आरोपियों ने अप्रैल से जून के बीच 80 से अधिक मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की है, जिनसे करोड़ों के ट्रांजेक्शन किए गए। उनके पास क्यूआर कोड का जखीरा भी मिला है, जिससे लाखों के ट्रांजेक्शन के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। आरोपियों से तीन मोबाइल, दो फर्जी सिम कार्ड और कई क्यूआर कोड मिले हैं।

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पूछताछ में पता चला कि गिरोह का मास्टर प्लान तीन लेयर में बंटा हुआ था। पहले समूह ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल चुराए, दूसरे समूह ने चोरी के मोबाइल में बैंकिंग एप का उपयोग कर फर्जी खातों में रकम ट्रांसफर की। तीसरे समूह के सदस्य कोलकाता में बैठकर निकाली गई रकम को सरगना तक पहुंचाते थे। 22 जून को गोविंदराम वाधवानी का मोबाइल चोरी होने के बाद 1.85 लाख रुपये ट्रांसफर हुए।



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