Those who retired before the announcement of dearness allowance suffered more loss | महंगाई-भत्ते की घोषणा के पूर्व-सेवानिवृत्त होने वालों को ज्यादा हानि: बकाया डीए नहीं मिलने से कर्मियों को ग्रेच्युटी व पेंशन में भी नुकसान – Raipur News

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August 30, 2025


सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ता की बकाया किस्त नहीं मिलने से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इससे उनकी ग्रेच्युटी और पेंशन पर भी असर पड़ा रहा है। सरकारी सेवा नियमों के अनुसार कर्मचारियों के वेतन में हर साल न्यूनतम तीन प्रतिशत की वृद्धि

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चूंकि ग्रेच्युटी और पेंशन की गणना में महंगाई भत्ता महत्वपूर्ण कड़ी है। देखा जाए तो वर्ष 2019 से इस वर्ष अगस्त तक कर्मचारियों को डीए की बकाया किस्त का भुगतान नहीं होने से लगभग करीब 21 प्रतिशत नुकसान अलग से हुआ है।

कर्मचारी संगठन उठा रहे सवाल: शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी और कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने सरकार से पूछा कि बजट में डीए के लिए राशि का प्रावधान किया था। अगर किया था तो कर्मचारियों को मिला क्यों नहीं? यह पैसा कहां गया।

41 हजार 496 रुपए से 3 लाख 77 हजार 188 रुपए का नुकसान

सेवानिवृत्त होने वालों को ज्यादा नुकसान जीएडी के पूर्व उप सचिव केके वाजपेयी कहते हैं, डीए और एरियर्स का भुगतान बजट में प्रावधानित किए गए वेतन-भत्तों के मद से किया जाता है। एरियर्स नहीं मिलने से कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। जिस तिथि से दो फीसदी डीए बढ़ाकर दिया जा रहा है, उसका नुकसान उनको अधिक है जो सेवानिवृत्त हो गए हैं।

ऐसे तय होती है ग्रेच्युटी और पेंशन

अगर किसी कर्मचारी की न्यूनतम 33 साल की सेवा है तो उसकी आधी अवधि 16.5 साल को अंतिम मूल वेतन और डीए के जोड़ से गुणा करने पर ग्रेच्युटी निर्धारित होती है। इसकी अधिकतम रकम 20 लाख रुपए है।

वहीं पेंशन निर्धारित करने के लिए अंतिम मूल वेतन का आधा और डीए के जोड़ से कुल सेवा की आधी अवधि को गुणा किया जाता है। इस लिहाज से डीए की बकाया रकम नहीं मिलने पर कर्मचारियों को 4 वर्ष, 10 वर्ष, 15 वर्ष या 20 साल या अधिक की सेवा अवधि में मिलने वाले मूल वेतन के हिसाब से अब तक लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है।



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