बलौदाबाजार पुलिस ने अलग-अलग मामलों में जब्त किए गए वाहनों की सार्वजनिक नीलामी से 21.19 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया। सिमगा थाने में आयोजित इस नीलामी में एक ट्रक के लिए सर्वाधिक 8.75 लाख रुपए की बोली लगी। एक चार पहिया वाहन 2.62 लाख रुपए में बिका।
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वहीं, जिले में नहरों के अवैध कटाव और पानी रोकने की घटनाओं पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसडीएम ने जनपद पंचायत पलारी और बलौदाबाजार की 15 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किया है। सरपंचों को निजी खर्च पर तीन दिन के भीतर नहरों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
11 वाहनों को न्यायालय के आदेश पर राजसात
वाहनों की नीलामी में कुल 58 लोगों ने हिस्सा लिया। आबकारी अधिनियम और कृषक पशु क्रूरता अधिनियम के तहत जब्त किए गए 11 वाहनों को न्यायालय के आदेश पर राजसात किया गया था। 22 अगस्त को विज्ञापन जारी किया गया। इसे बलौदाबाजार पुलिस के फेसबुक पेज पर भी प्रसारित किया गया।
वाहनों को थाना सिमगा, थाना कसडोल और पुलिस चौकी सोनाखान में निरीक्षण के लिए रखा गया। एसडीएम सिमगा, एसडीओपी भाटापारा और आरआई बलौदाबाजार की समिति ने नीलामी का संचालन किया। नीलामी सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली। सफल बोलीदाताओं को 7 दिनों के भीतर राशि जमा करनी होगी। वाहनों के कागजात का कार्य मौके पर ही पूरा कर लिया गया।

निजी खर्च पर कराना होगा काम
एसडीएम ने सरपंचों को निजी खर्च पर तीन दिन के भीतर नहरों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का पालन न करने पर पंचायत राज अधिनियम 1993 और सिंचाई अधिनियम 1931 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। समय सीमा में मरम्मत न होने पर जुर्माना और अन्य कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
टेल एरिया के लगभग 50 गांवों के 300 से अधिक किसान प्रभावित हैं। विधायक संदीप साहू के नेतृत्व में किसानों ने डिप्टी कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि 20 दिनों से खेतों को पानी नहीं मिल रहा है। किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी थी।

इन पंचायतों को जारी किया गया नोटिस
बलौदाबाजार जनपद पंचायत के मोहतरा, सोनाडीह, देवरी, कंजी, भरसेला और खम्हारडीह को नोटिस मिला है। पलारी जनपद की जारा, रेंगाडीह, सैहा, चुचरूंगपुर, गाड़ाभाटा, टीपावन, ओड़ान, सलौनी और दतान पंचायतों को भी नोटिस जारी किया गया है।
एसडीएम दीपक निकुंज पलारी ने नोटिस जारी कर बताया कि सिंचाई नहरों के गेट और दीवारों से अवैध छेड़छाड़ के कारण टेल एरिया तक पानी नहीं पहुंच पा रहा, जिससे खरीफ फसलें सूख रही हैं और किसानों में विवाद की स्थिति बन रही है। सरपंचों को निजी खर्च पर क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।