दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के खुर्शीडीह, दामोदा और नगपुरा गांव में रविवार को अवैध शराब बिक्री के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में खुलेआम शराब बिक्री से गांव का माहौल बिगड़ रहा है।
.
गांव की सरपंच गायत्री साहू के अनुसार बार-बार शिकायत के बावजूद आरोपी छूट जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब बेचने वाले लोग थाना प्रभारी को हर माह 10 हजार रुपए देते हैं। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है।

नगपुरा पुलिस चौकी की स्थापना को 6 साल हो गए हैं। इस दौरान अवैध कारोबार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार पुलिसकर्मी कहते हैं कि शराब बंद होने से चोरी की घटनाएं बढ़ेंगी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि दामोदा ग्राम पंचायत के खुर्शीडीह गांव में ग्रामीणों की बैठक के दौरान माहौल गर्मा गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया।

एएसपी राठौर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई न करने की स्थिति में लोग सीधे वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अवैध धंधे पर रोक नहीं लगी तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को अपना नंबर भी उपलब्ध कराया है।
पुलिस ने ग्रामीणों के आरोपों की जांच करते हुए संबंधित आरोपियों के घर पर दबिश भी दी, हालांकि मौके से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। एएसपी ने बताया कि गांव में अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। साथ ही पुलिस पर लगे आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है।