Elvish Yadav Controversy: हिंदूवादी संगठनों के भारी विरोध के कारण यूट्यूबर एल्विश यादव को अंबिकापुर से वापस लौटना पड़ा। गरबा व डांडिया के नाम पर अंबिकापुर के होटल पर्पल ऑर्किड में आयोजकों ने एल्विश यादव को आमंत्रित किया था। आयोजन स्थल पर भी उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। भारी विरोध को देखते हुए एल्विश को वापस लौटना पड़ गया।
Publish Date: Sat, 27 Sep 2025 08:35:34 PM (IST)
Updated Date: Sat, 27 Sep 2025 08:48:54 PM (IST)

HighLights
- भारी विरोध के कारण एल्विश यादव को अंबिकापुर से वापस लौटना पड़ा
- अंबिकापुर के होटल पर्पल ऑर्किड में आयोजकों ने एल्विश को आमंत्रित किया था
- एल्विश को 20 लाख रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया गया था
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। हिंदूवादी संगठनों के भारी विरोध के कारण यूट्यूबर एल्विश यादव को अंबिकापुर से वापस लौटना पड़ा। गरबा व डांडिया के नाम पर अंबिकापुर के होटल पर्पल ऑर्किड में आयोजकों ने एल्विश यादव को आमंत्रित किया था। इसे लेकर एक दिन पहले से ही शहर का माहौल गरमाया हुआ था। शनिवार सुबह से हिंदूवादी संगठनों से जुड़े युवा आयोजन का विरोध कर रहे थे। शाम को एल्विश यादव अंबिकापुर शहर भी पहुंचे थे।
एल्विश यादव को वापस लौटना पड़ गया
आयोजन स्थल पर भी उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी। भारी विरोध को देखते हुए एल्विश यादव को वापस लौटना पड़ गया। इधर आयोजकों ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया है।
नवरात्र पर्व पर अंबिकापुर के निजी होटलों में आयोजित गरबा-डांडिया कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद शनिवार को बड़ा रूप ले लिया। भारी विरोध और प्रदर्शन के चलते कार्यक्रम में आमंत्रित किए गए इंटरनेट मीडिया सेलिब्रिटी एल्विश यादव को शहर से वापस लौटना पड़ा।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एल्विस यादव का विरोध, होटल में भी घुसने नहीं दिया गया। डांडिया नृत्य के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित थे लेकिन वापस लौटना पड़ा। pic.twitter.com/unodvA0TR9
— Roman Tiwari (@romantiwari5) September 27, 2025
20 लाख रुपये के भुगतान के बाद भी नहीं हुआ कार्यक्रम
एल्विश यादव को इस कार्यक्रम के लिए लगभग 20 लाख रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया गया था, लेकिन विरोध इतना तीव्र हो गया कि कार्यक्रम नहीं हो सका। आयोजकों ने भारी-भरकम शुल्क लेकर पास भी जारी किए थे, जिससे हजारों लोग गरबा देखने की तैयारी में थे। अचानक कार्यक्रम रद्द होने से पास खरीदने वालों और आयोजकों दोनों को निराशा का सामना करना पड़ा।
कार्यकर्ताओं ने एल्विश के पोस्टर जलाए
हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर के रिंग रोड स्थित होटल पर्पल आर्केड के बाहर जमकर नारेबाजी की और एल्विश यादव के पोस्टर जलाए। उनका कहना था कि गरबा एक धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, लेकिन आयोजक इसे व्यावसायिक रूप देकर फूहड़ता और अश्लीलता फैला रहे हैं।
संगठनों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर इस तरह के आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि आगे से ऐसे आयोजनों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।