छत्‍तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपित को उम्रकैद की सजा

Author name

October 16, 2025


कोटमी क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग छात्रा को आरोपी ने पेंड्रा बस स्टैंड से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। घर छोड़ने और समोसा खिलाने का झांसा देकर वह छात्रा को कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र के तेलियामार गांव स्थित अपने परिचित के घर ले गया। वहीं, उसने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया।

Publish Date: Thu, 16 Oct 2025 07:00:35 PM (IST)

Updated Date: Thu, 16 Oct 2025 07:01:45 PM (IST)

छत्‍तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपित को उम्रकैद की सजा
कोर्ट ने सुनाई दुष्‍कर्मी को सजा।

नईदुनिया न्यूज, पेंड्रा। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पेंड्रा की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपित गंगादीन उर्फ गंगा खलखो को शेष जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड ज्योति अग्रवाल की अदालत ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के एक सनसनीखेज मामले में आरोपित गंगादीन उर्फ गंगा खलखो को दोषी पाते हुए उसके शेष जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है।

यह मामला 3 सितंबर 2024 का है। कोटमी क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग छात्रा को आरोपी ने पेंड्रा बस स्टैंड से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। घर छोड़ने और समोसा खिलाने का झांसा देकर वह छात्रा को कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र के तेलियामार गांव स्थित अपने परिचित के घर ले गया। वहीं, उसने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया।

पीड़िता ने घटना के बाद साहस जुटाकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पेंड्रा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया और न्यायालय में प्रकरण पेश किया। सुनवाई के दौरान पर्याप्त सबूत और गवाहों के आधार पर आरोपी गंगा खलखो को दोषी करार दिया गया।

अदालत ने पोक्सो एक्ट की धारा तीन और चार के तहत उसे आजीवन कारावास और ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही, भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और ₹2000 का अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया गया है।

यदि अर्थदंड का भुगतान नहीं किया जाता है तो आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने आदेश दिया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस मामले में शासन पक्ष की ओर से विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर आरोपी को सजा दिलाने में सफलता मिली।



Source link