Gariaband: Murder for not returning Rs 1000 borrowed money | उधार के 1000 नहीं लौटाए तो दोस्तों ने मार डाला: गरियाबंद में ईंट-पत्थरों से कुचला, हाथ-पैर बांधकर, मुंह में कपड़ा ठूंसकर शव तालाब में फेंका – Gariaband News

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November 1, 2025


उधार के 1 हजार रुपये नहीं लौटाए तो दोस्तों ने कर दी हत्या

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में महज़ एक हजार रुपए के उधार ने एक दोस्त की जान ले ली। दोस्तों ने पहले युवक की लात-घूंसों से पिटाई की। इसके बाद ईंट-पत्थरों से कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गई। फिर दोस्तों ने हत्या के बाद शव के हाथ-पैर बांधकर, मुंह में कपड़

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पुलिस ने वारदात को अंजाम देने के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। यह पूरा मामला राजिम थाना क्षेत्र का है।

अब जानिए पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, मृतक दुर्गेश साहू (26 वर्ष) मूल रूप से परतेवा गांव का निवासी था। वो राजिम वार्ड क्रमांक 6 में रहकर मजदूरी करता था। दुर्गेश की राजिम के थाना पारा क्षेत्र के रहने वाले वीरेंद्र धीवर (24 वर्ष) और थानेंद्र साहू (23 वर्ष) की दोस्ती थी।

मामूली पैसों को लेकर बढ़ा विवाद

दुर्गेश ने करीब 6 माह पहले वीरेंद्र से 1 हजार रुपये उधार लिए थे। जब वीरेंद्र ने पैसे मांगे, तो दुर्गेश टालमटोल करने लगा। इसपर वीरेंद्र गुस्से में आ गया और उसने दुर्गेश को सजा देने की ठान ली। इसके लिए उसने अपने दोस्त थानेंद्र और दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर प्लानिंग की।

नशे में धुत होकर की बेरहमी से पिटाई

प्लानिंग के तहत वीरेंद्र ने 27 अक्टूबर को दुर्गेश को राजिम वार्ड क्रमांक 6 के लोधिया तालाब बुलाया। यह जगह सुनसान रहता है। वीरेंद्र और उसके तीन दोस्त पहले दुर्गेश के साथ बैठकर शराब पीने लगे। इसी बीच वीरेंद्र ने नशे की हालत में दुर्गेश से अपने उधार के एक हजार रुपए मांगने लगा।

इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में वीरेंद्र और उसके साथियों ने दुर्गेश के सा​थ मारपीट शुरू कर दी। वीरेंद्र और उसके दोस्तों ने दुर्गेश को लात-घूंसों, ईंट और पत्थरों से पीट-पीटकर मार डाला।

इतना ही नहीं आरोपियों ने सबूत छिपाने के लिए शव के हाथ-पैर बांधे, मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और पत्थर से बांधकर लोधिया तालाब में फेंक दिया।

तालाब में तैरता मिला शव

दो दिन बाद स्थानीय लोगों ने तालाब में एक शव को तैरते देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत राजिम पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम के साथ जांच शुरू की। शव की पहचान दुर्गेश साहू के रूप में हुई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और दुर्गेश के परिजनों से पूछताछ की।

जांच के दौरान पता चला कि दुर्गेश 27 अक्टूबर को अंतिम बार वीरेंद्र और उसके दोस्तों के साथ देखा गया ​था। इस आधार पर पुलिस ने दो नाबालिग सहित चारों आरोपियों को हिरासत में लिया और पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस ने उनके पास से घटना में इस्तेमाल ईंट-पत्थर और अन्य सामान भी जब्त कर लिए हैं। सभी आरोपियों पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।



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