गृहमंत्री विजय शर्मा ने रविवार को बीजापुर प्रवास के दौरान नक्सल पुनर्वास केंद्र का दौरा किया। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात कर उनके जीवन, सुविधाओं और पुनर्वास व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
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वर्तमान में केंद्र में कुल 92 आत्मसमर्पित नक्सली रह रहे हैं, जिनमें अधिकांश युवा हैं। उपमुख्यमंत्री ने उनके दैनिक जीवन, भोजन, पानी, कपड़े, स्वास्थ्य, मनोरंजन और खेलकूद गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
गृहमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य इन युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने आत्मसमर्पित युवाओं से उनके घर-परिवार, वैवाहिक जीवन, कृषि भूमि, वनाधिकार पत्र, सिंचाई और जीविकोपार्जन से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

परिजनों से भेंटकर उनकी समस्याएं सुनीं
विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र युवाओं को सिंचाई योजनाओं, सोलर पंप, बोर उत्खनन और प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं। यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिजन उनसे मिलने आ सकें, इसके लिए नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गृहमंत्री ने खुद भी कई आत्मसमर्पित युवाओं के परिजनों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जोर दिया कि सभी आत्मसमर्पित युवाओं को शासन की योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और वनाधिकार पत्र जैसी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

एक्सपोजर विजिट की मांग
उन्होंने साक्षर भारत मिशन के तहत अक्षर ज्ञान और साक्षरता परीक्षा में शामिल कराने की बात कही। युवाओं की रुचि के अनुसार कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए गए, और महिलाओं की टेलरिंग प्रशिक्षण में रुचि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
आत्मसमर्पित युवाओं ने एक्सपोजर विजिट की मांग की, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने सहमति जताई। उन्होंने घोषणा की कि उन्हें रायपुर ले जाकर शासन की पुनर्वास योजनाओं और विकास गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाएगा।