छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम बोले, बिहार चुनाव की जीत सुशासन पर जनता की मुहर, भूपेश बघेल ने इसे मुख्य चुनाव आयुक्त की जीत बता दी बधाई

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November 14, 2025


डिजिटल डेस्कः बिहार विधानसभा चुनाव ( Bihar chunav result 2025) की गहमागहमी में छत्तीसगढ़ के राजनीतिक दिग्गजों ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, जिससे यह चुनावी मुकाबला और भी रोचक हो गया था। सत्ता में वापसी के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से अनुभवी नेताओं की फौज उतार दी थी।

भाजपा नेताओं की बड़ी टीम मैदान में उतरी थी

एनडीए ने इस चुनाव के प्रबंधन में कोई कसर नहीं छोड़ी थी और छत्तीसगढ़ से भाजपा नेताओं की बड़ी टीम को मैदान में उतारा दिया था। इससे साफ हो गया था कि पार्टी संगठनात्मक ताकत और क्षेत्रीय नेतृत्व के हस्तांतरण की रणनीति पर काम कर रही है। इस तरह से ये चुनाव केवल बिहार के स्थानीय नेताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने राष्ट्रीय दलों की क्षेत्रीय नेतृत्व पर निर्भरता को भी उजागर किया।

सफल रहे क्षेत्रीय नेताओं के अनुभवों का इस्तेमाल

बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ के नेताओं को उतारना स्पष्ट संदेश था कि भाजपा, ”मोदी की गारंटी” और हिंदुत्व के मुद्दों के साथ-साथ, सफल रहे क्षेत्रीय नेताओं के अनुभवों का भी इस्तेमाल करना चाहती थी। योगी आदित्यनाथ और अन्य मुख्यमंत्रियों का बिहार में मोर्चा संभालना इस साफ तौर पर दर्शाता रहा था।

साय सहित भाजपा शासित चार राज्यों के सीएम लगे थे प्रचार में

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित भाजपा शासित राज्यों के चार मुख्यमंत्रियों को विशेष रूप से प्रचार में लगाया गया था। साय का बिहार में चुनावी सभा करना भाजपा के राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और सामूहिक नेतृत्व के प्रदर्शन को दर्शाता है। यही नहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी बिहार में मोर्चा संभाले हुए थे, जो यह बताता है कि राज्य के प्रमुख नेताओं को ”क्लस्टर वार” के तहत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी। ताकि स्थानीय समीकरणों को साधा जा सके।

साव बोले, ये सुशासन और विकास पर बिहार की जनता का मुहर

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बिहार चुनाव परिणाम को लेकर कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम ऐतिहासिक है। तीन चौथाई से अधिक का बहुमत एनडीए को मिला है। ये सुशासन और विकास पर बिहार की जनता का मुहर है।

इन नेताओं को भी सौंपी गई थी जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रभारी रहे नितिन नबीन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद संतोष पांडेय, बृजमोहन अग्रवाल, सरोज पांडेय और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू जैसे नेताओं ने भी बिहार चुनाव में अपना पसीना बहाया था। ये भाजपा के मजबूत सांगठनिक ढांचे और हर स्तर पर चुनाव को गंभीरता से लेने की रणनीति को दर्शाता है।

इसके अलावा विधायक मोतीताल साहू, रोहित साहू, भावना बोहरा, अनुराग अग्रवाल, प्रखर मिश्रा, गोपाल बिस्ट, किशोर देवांगन, अमित साहू, संजू नारायण ठाकुर सहित कई नेताओं को चुनावी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

बघेल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कसा तंज

कांग्रेस ने भी अपने सबसे बड़े और अनुभवी चेहरे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भरोसा जताया था। भूपेश बघेल को बिहार चुनाव का सीनियर आब्जर्वर बनाया गया था, जो कांग्रेस द्वारा उनके संगठनात्मक कौशल और मैदानी राजनीति की समझ पर दिए गए महत्व को दर्शाता है। हालांकि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और भूपेश बघेल की टीम के लाख प्रयास के बावजूद कांग्रेस महज 6 सीटें ही जीत पाई।

बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत पर भूपेश बघेल ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है और एनडीए की जीत के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा है। भूपेश बघल ने अपने पोस्ट में लिखा है- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बिहार चुनाव में जीत की बधाई। आपने बहुत मेहनत की। 64 लाख मतदाताओं के नाम काटे। 16 लाख नए मतदाताओं ने आवेदन किया आपने 21 लाख नए नाम जोड़ लिए। धांधली पर धांधली। बेहिसाब धांधली। भाजपा को आपसे अच्छा सहयोगी नहीं मिल सकता।





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