विष्णु देव साय के सीएम बनने के साथ ही प्रफुल्ल भारत बने थे महाधिवक्ता।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के महाधिवक्ता (Advocate General) प्रफुल्ल एन. भारत ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा है। इसके साथ ही नए एडवोकेट जनरल की नियुक्ति की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है।
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माना जा रहा है कि हाईकोर्ट के एडिशनल एडवोकेट जनरल यशवंत ठाकुर, विवेक शर्मा के साथ ही सीनियर एडवोकेट मनोज परांजपे को नए महाधिवक्ता बनाए जा सकते हैं।
इन सबके बीच यह भी तय है कि नए महाधिवक्ता की नियुक्ति में संघ यानी कि RSS की पसंद को महत्व दिया जा सकता है।

17 नवंबर को सौंपा इस्तीफा
17 नवंबर की शाम हाईकोर्ट से एक चौंकाने वाली खबर आई, जिसमें एडवोकेट जनरल प्रफुल्ल एन भारत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्यपाल रामेन डेका को रिजाइन लेटर सौंपा है। हालांकि, राजभवन ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस्तीफा मंजूर हुआ है या नहीं।
वहीं, गवर्नर ऑफिस की ओर से किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस बीच, सरकार के कानूनी स्तर पर लगातार बैठकों और सलाह-मशविरे का दौर जारी है, जिसके बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। महाधिवक्ता कार्यालय ने भी अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
दोपहर में राज्य सरकार की पैरवी, रात को दिया इस्तीफा
महाधिवक्ता भारत ने 17 नवंबर को कुछ मामलों में राज्य सरकार की तरफ से पक्ष रखा। शाम को करीब 4.30 बजे उन्होंने ऑफिस में कुछ सहयोगियों के साथ अगले दिन यानि आज होने वाली महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद रात करीब 9 बजे उनके इस्तीफे की खबर आ गई।
सब कुछ तय, हटाने से पहले खुद दे दिया इस्तीफा
इस्तीफे की वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। दरअसल, महाधिवक्ता का पद भले ही संवैधानिक पद माना जाता है। लेकिन, महाधिवक्ता की नियुक्ति पूर्णत: राजनीतिक रूप से होती है।
ऐसे में विधि मंत्री का प्रभार बदलने के साथ ही यह तय माना जा रहा था कि एडवोकेट जनरल ऑफिस में भी फेरबदल होगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत पद से इस्तीफा दे सकते हैं। लेकिन, जिस तरह से उन्होंने बिना कारण बताए अपना इस्तीफा दिया है।
जानकारों का कहना है कि एडवोकेट जनरल प्रफुल्ल भारत के इस्तीफे के बाद स्पष्ट है कि राज्य सरकार के साथ ही विधि विधायी विभाग ने नए महाधिवक्ता नियुक्त करने की तैयारी शुरू कर दी। इसकी भनक लगने पर ही उन्होंने यह बड़ा निर्णय लिया होगा।
बता दें कि प्रफुल्ल एन. भारत ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल में वे 2014 से 2018 तक राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे, फिर सीनियर एडवोकेट बनाए गए। प्रफुल्ल एन. भारत ने जगदलपुर जिला कोर्ट से करियर की शुरुआत की थी।
अब जानिए कौन हो सकते हैं नए महाधिवक्ता
हाईकोर्ट में महाधिवक्ता का पद राज्य सरकार के मामलों का पक्ष रखने के लिए अहम माना जाता है। ऐसे में महाधिवक्ता का पद ज्यादा दिन तक खाली नहीं रखा जा सकता। अब प्रफुल्ल भरत के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार नए महाधिवक्ता की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
माना जा रहा है कि विधि विधायी विभाग ने इसके लिए नाम फाइनल कर लिया है। हालांकि, नए महाधिवक्ता की नियुक्ति तक अभी केवल अटकलें लगाई जा सकती है। महाधिवक्ता की नियुक्ति के लिए संघ से जुड़े सीनियर एडवोकेट को मौका मिल सकता है।
इनमें महाधिवक्ता कार्यालय में पदस्थ सीनियर एडवोकेट मनोज परांजपे, एडिशनल एडवोकेट जनरल यशवंत ठाकुर, एडिशनल एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा के साथ ही जैसे नाम शामिल हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट में केंद्र सरकार की पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट भी एप्रोच लगाने में जुट गए हैं।
AG ऑफिस में हो सकता है बड़ा फेरबदल
महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत के इस्तीफे के साथ ही अब एडवोकेट जनरल ऑफिस में बड़े स्तर पर फेरबदल होने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि एडिशनल एडवोकेट जनरल के साथ ही डिप्टी एडवोकेट जनरल और शासकीय अधिवक्ता भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
बता दें कि जब डिप्टी सीएम अरूण साव को विधि विधायी मंत्री बनाया गया था, तब महाधिवक्ता कार्यालय में उनकी पसंद को तवज्जो दी गई थी। अब विधि विधायी मंत्री गजेंद्र यादव बन गए हैं। ऐसे में अब उनके करीबी वकीलों को मौका मिल सकता है।

हाईकोर्ट के एडवोकेट जनरल प्रफुल्ल भारत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
रिजाइन लेटर पर प्रफुल्ल भारत ने क्या लिखा ?
अपने इस्तीफे में प्रफुल्ल भारत ने लिखा कि वे महाधिवक्ता पद से त्यागपत्र दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रिमंडल के सदस्यों और पूरी प्रशासनिक टीम को मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष राज्य के हितों की रक्षा का कार्य चुनौतीपूर्ण था, जिसमें नौकरशाहों और महाधिवक्ता कार्यालय के सहयोगियों ने भरपूर समर्थन दिया।
इसके साथ ही प्रफुल्ल भारत ने राज्यपाल को धन्यवाद देते हुए लिखा कि मुझे राज्य के प्रथम विधि अधिकारी के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए मैं महामहिम का आभारी हूं।
रमन सिंह कार्यकाल में अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में वे 2014 से 2018 तक राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे। बाद में 14 जून 2021 को उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) नामित किया गया। 12 जनवरी 2024 को उन्हें छत्तीसगढ़ का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था।
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12 जनवरी 2024 को प्रफुल्ल एन. भारत को छत्तीसगढ़ का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था।
छत्तीसगढ़ सरकार के महाधिवक्ता (Advocate General) प्रफुल्ल एन. भारत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोमवार को राज्यपाल रामेन डेका को रिजाइन लेटर सौंप दिया है। हालांकि, राजभवन ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस्तीफा मंजूर हुआ है या नहीं। पढ़ें पूरी खबर…