छत्तीसगढ़ के धमतरी में ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार हाइवा से परेशान पार्षदों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। आमदी में बीच सड़क पर करीब 7 हाइवा वाहनों को रोक दिया गया। यह घटना लगभग 3 घंटे तक चली।
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प्रदर्शनकारियों ने मौके पर खनिज अधिकारी को बुलाने की मांग की। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आगे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

दरअसल, धमतरी जिले में रेत उत्खनन का काम तेज हो गया है। हाल ही में दो नई रेत खदानों को स्वीकृति मिलने के बाद हाइवा वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है। धमतरी से रेत की आपूर्ति मुख्य रूप से दुर्ग और राजनांदगांव जैसे अन्य जिलों में होती है।
ये हाइवा वाहन आमदी मार्ग से गुजरते हैं, जिससे सड़क किनारे बसे गांवों के लोगों में दुर्घटना का भय बना रहता है। इसी समस्या को लेकर आमदी में यह हंगामा हुआ।

नगर पंचायत आमदी के नेता प्रतिपक्ष ऋषभ ने बताया कि धमतरी में अवैध रेत उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आमदी गांव से लगातार ओवरलोड गाड़ियां गुजर रही हैं, जिनके पास न तो कोई वैध कागजात हैं और न ही पिटपास।
ऋषभ ने कहा कि ये ओवरलोड हाइवा तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अवैध रेत उत्खनन और तेज रफ्तार ओवरलोडिंग पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आगे भी इसी तरह बड़े पैमाने पर हाइवा रोके जाएंगे।

आमदी के पार्षद पारसमणी साहू और चीतेन्द्र साहू ने बताया कि हाइवा वाहन ग्रामीण अंचलों से गुजरते हुए गति सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। पार्षदों के अनुसार, ये वाहन सुबह 10 बजे के बजाय 8 बजे ही ‘नो एंट्री’ वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं।
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के कारण आम नागरिकों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।