बिलासपुर में कई लोगों को ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से ऑनलाइन चालान मिल रहे हैं। लेकिन परिवहन विभाग के ऑफिस में अधिकारियों को भी ऐसे चालानों की जानकारी नहीं है। यहां तक की अधिकारियों को यह भी नहीं पता की इन चालान का भुगतान कहां करना है।
Publish Date: Mon, 24 Nov 2025 04:34:12 PM (IST)
Updated Date: Mon, 24 Nov 2025 04:43:31 PM (IST)

HighLights
- बिलासपुर में अपने आप गाड़ियों का कट रहा ई-चालान
- आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों को नहीं जानकारी
- ट्रैफिक कैमरों के कारण आ रही समस्या- आरटीओ
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: शहर के वाहन मालिकों को इन दिनों ट्रांसपोर्ट विभाग से अलग-अलग मामलों में चालन मिल रहे हैं। वाहन मालिकों की परेशानी तब और बढ़ जाती है जब आरटीओ में इस संबंध में काेई जानकारी ही नहीं मिल पाती। आरटीओ कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों को भी यह नहीं पता है कि इस जुर्माना की राशि कहां जमा करनी है।
मोपका के गुलाब नगर में रहने वाले मोहम्मद सिराज ने बताया कि उनके मोबाइल पर 21 नवंबर की शाम आरटीओ की ओर से एक मैसेज आया। इसमें उनकी कार का बीमा खत्म होने के कारण दो हजार का चालान भेजा गया था। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190(2) के 300 रुपये जुर्माना किया गया था। हालांकि उनकी कार का बीमा है। साथ ही उनकी कार के सारे दस्तावेज सही हैं। इसके बाद भी उनके पास चालान आ गया।
अधिकारी नहीं दे पा रहे चालान की जानकारी
वे तत्काल आरटीओ कार्यालय पहुंच गए। वहां पर कोई भी चालान के संबंध में जानकारी नहीं दे पाया। इसी दौरान वहां पर कई लोग और भी पहुंचे, जिन्होंने चालान मिलने की बात कही। बताया गया कि मोपका बाइपास के पास एक कैमरा लगा है। इसी के माध्यम से वाहन मालिकों को चालान भेजा जा रहा है।
इधर परिवहन विभाग के अधिकारी चालान की राशि कहां जमा होगी इसकी जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। इसके अलावा जिनके दस्तावेज सही है, उनका क्या होगा। इसकी भी जानकारी वहां मौजूद अधिकारी कर्मचारी नहीं दे पा रहे हैं।
विभाग के कर्मचारियों को भी मिला है चालान
लगरा स्थित आरटीओ कार्यालय और शहर के बीच मोपका बाइपास के पास ही कैमरा लगा है। इसी रास्ते से आरटीओ के कर्मचारी भी प्रतिदिन ड्यूटी पर पहुंचते हैं। बताया जाता है कि कैमरे की जद में आने वाले कई कर्मचारियों को आनलाइन नोटिस मिला है। अपने ही विभाग से मिले चालान से विभाग के कर्मचारी भी परेशान है। उन्हें भी नहीं पता कि इस चालान का निपटारा कैसे होगा। विभाग के कर्मचारियों ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी है।