पानी पाउच फेंकने के बाद SSP सुखनंदन राठौर ने सबसे पहले लाठीचार्ज किया।
छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइडलाइन को लेकर दुर्ग जिले के जमीन व्यापारी पिछले एक हफ्ते से प्रदर्शन कर रहे हैं। 1 दिसंबर को बड़े स्तर पर चक्काजाम प्रदर्शन करने पहुंचे व्यापारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
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वहीं, पुलिस के मुताबिक, व्यापारियों ने पहले पुलिस कर्मियों पर झंडा और पानी पाउच फेंका। पानी एएसपी सुखनंदन राठौर के ऊपर भी गिरे, इसके बाद उन्होंने लाठी मारना शुरू किया। इसका वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों को गली-गली में दौड़ाकर पीटा है।
व्यापारियों का कहना है कि इस गाइडलाइन की वजह से जमीन की कीमतें 5-9 गुना बढ़ गई हैं। इसी के विरोध को लेकर यह प्रदर्शन था। वहीं, पुलिस ने इस मामले में 8 व्यापारियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है, 5 पर FIR दर्ज किया गया है, 3 लोगों को गिरफ्तार किया।

इस दौरान कई पुलिस कर्मियों को चोट आई है।

एएसपी सुखनंदन राठौर डंडा लेकर दौड़े, व्यापारी को पकड़कर लाए।
देर रात अपराध दर्ज, सुबह से गिरफ्तारी शुरू
1 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन के बाद देर रात पुलिस ने अपराध दर्ज किया। बताया जा रहा है कि करीब 5 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इसमें राकेश यादव, अनिल वासनिक और विक्की चंद्राकर शामिल है। इसके अलावा अन्य व्यापारियों की भी तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि इनके ऊपर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।

दुर्ग के जमीन कारोबारियों का आंदोलन पिछले 5 दिन से चल रहा था।
लाठीचार्ज के बाद इनपर हुई थी प्रतिबंधित कार्रवाई, जमानत भी मिली
- मनोज राजपूत, (49 साल), भिलाई
- शुभम सिंह राजपूत, (23 साल), दुर्ग
- अनिल वासनिक (43 साल), दुर्ग
- राकेश यादव, (38 साल) दुर्ग
- विक्की चन्द्राकर, (32 साल) दुर्ग
- यशवंत सिंह राजपूत, (33 साल), दुर्ग
- ओम प्रकाश कोटवानी, (48 साल), दुर्ग
- जितेन्द्र बत्रा, (41 साल) दुर्ग

विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में छह पुलिसवाले घायल हुए।
इन पुलिस कर्मियों को आईं चोटें
- आरक्षक केशव कुमार, थाना दुर्ग
- आरक्षक कमलकांत अंगूरे, थाना दुर्ग
- आरक्षक राधेश्याम चंदाकर, दुर्ग
- आरक्षक तुषार सलामे, थाना मोहन नगर।
- आरक्षक अजय साहू, थाना वैशाली नगर।
- आरक्षक हिमांशु जंघेल, मोहन नगर।

SSP बोले- बिना अनुमति के जुलूस की तरह लोग पहुंचे
व्यापारियों ने कहा- प्रदर्शन के बीच असमाजिक तत्वों ने बिगाड़ी स्थिति
जमीन व्यापारी कन्हैया मिश्रा ने कहा कि हम शांति पूर्ण तरीके से पिछले एक सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं, हमने कभी भी हिंसा का रास्ता नहीं चुना है। पुलिस को लाठीचार्ज नहीं करना था। यह नींदनीय है। वहीं उन्होंने कहा कि इस चक्काजाम प्रदर्शन में असमाजिक तत्वों में चर्चा को तनावपूर्ण बना दिया। लेकिन पुलिस को संयम रखना था।
प्रदर्शनकारियों ने झंडा और पानी पाउच पुलिस पर फेंका
पुलिस के मुताबिक, नई कलेक्टर गाइडलाइंस को लेकर प्रदर्शन कर रहे जमीन व्यापारियों की ओर से पटेल चौक पर चर्चा के दौरान भीड़ में किसी ने पानी का पाउच फेंका। इसके बाद एएसपी सुखनंदन राठौर ने सबसे पहले लाठी चलाई।
इसके बाद पुलिस ने व्यापारियों पर ताबड़तोड़ लाठियों की बौछार कर दी। इसमें कई प्रदर्शनकारी घायल भी हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिसकर्मियों पर झंडा भी फेंका गया। जिससे महिला पुलिसकर्मी भी बाल-बाल बचे।
फिर से नई रणनीति तैयार करेंगे व्यापारी
मामले से जुड़े व्यापारियों ने कहा कि वो आगे की रणनीति के लिए दोबारा सभी सदस्यों की बैठक आयोजित करेंगे। बैठक के बाद जो भी निर्णय होगा उस पर अमल किया जाएगा। फिलहाल वे अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज करने की तैयारी भी की जा रही है।
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दुर्ग में पुलिस ने जमीन व्यापारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा है।
छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइंस की वजह से जमीन की कीमतें 5-9 गुना बढ़ गई हैं। पिछले 5 दिनों से कई जिलों में प्रदर्शन जारी है। इसी बीच सोमवार को दुर्ग में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जमीन व्यापारियों को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पढ़ें पूरी खबर…