नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के सरकारी स्कूलों में साइकिलों की बदहाली देखकर विधायक रामकुमार टोप्पो ने वितरण करने से मना कर दिया। साइकिलों की सही तरीके से फिटिंग नहीं की गई थी। अधिकांश साइकिलों के टायरों में हवा भी नहीं था। गुणवत्ता भी तय मानकों के अनुरूप नहीं थी। साइकिलों की स्थिति देखकर विधायक ने न सिर्फ वितरण से मना कर दिया बल्कि सरकारी साइकिलों के लिए निर्धारित मानकों के दस्तावेज भी मंगवाए। विधायक ने कहा कि तय मानक के अनुरूप साइकिल है या नहीं इसका भी परीक्षण करा रहे हैं।

राज्य सरकार की सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा नवमीं में अध्ययनरत छात्राओं को वितरित की जाने वाली साइकिलों की गुणवत्ता हमेशा से ही विवादों में रही है। शासन स्तर से होने वाली निविदा में सप्लायरों द्वारा निर्धारित गुणवत्ता की साइकिल वितरित नहीं करने का आरोप लगता रहा है। साइकिलों का वजन कम होने, गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर का होने की शिकायतें आम हैं लेकिन सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों द्वारा कभी भी साइकिलों की स्थिति को लेकर सवाल नहीं उठाया गया था।
BJP विधायक ने साइकिलों की स्थिति पर उठाया सवाल
पहली बार सीतापुर क्षेत्र के भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो ने साइकिलों की स्थिति पर सवाल उठाया है। दरअसल गुरुवार को उन्हें बतौली विकासखंड के स्कूलों में निश्शुल्क साइकिल का वितरण करना था। जब वे एक स्कूल में पहुंचे तो देखा कि जिन साइकिलों का वितरण उनसे हाथों से कराने की तैयारी है उनकी फिटिंग सही नहीं है। अधिकांश साइकिलों के टायरों में हवा भी नहीं है।
साइकिलों को कामचलाऊ फिट कर वितरण के लिए रख दिया गया था। साइकिलों की यह स्थिति देखकर विधायक असंतुष्ट हुए। उन्होंने साइकिलों का वितरण करने से मना कर दिया। विधायक ने कहा कि एक स्कूल में साइकिलों की स्थिति देखने से लगता है दूसरे स्कूलों में आपूर्ति की गई साइकिलें भी इसी हालत में होंगी, इसलिए उनका वितरण न किया जाए।
विधायक के इस रुख से स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी भी सकते में रहे। विधायक ने कहा कि आज साइकिल वितरण स्थगित किया जा रहा है। सभी साइकिलों को व्यवस्थित किया जाए, उसके बाद ही साइकिलों का वितरण किया जाएगा।इस हेतु दीपावली के बाद की तिथि निर्धारित करने का निर्देश विधायक ने दिया है।
सरगुजा में साढ़े पांच हजार छात्राओं को मिलनी है साइकिलें
सरस्वती साइकिल योजना के तहत सरगुजा जिले में चालू शिक्षा सत्र में लगभग 5500 छात्राओं को निश्शुल्क साइकिलों का वितरण किया जाना है। योजना के तहत कक्षा नवमीं की अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं को निश्शुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। अन्य पिछड़ा वर्ग में भी वे छात्राएं ही इस योजना की पात्रता रखती हैं जिनका परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करता है।
शासन स्तर से निविदा, अधिकारी देते हैं सिर्फ पावती
सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल आपूर्ति के लिए शासन स्तर से निविदा आमंत्रित की जाती है। जिस फर्म को यह काम मिलता है वह पिकअप और ट्रकों के माध्यम से साइकिलों के अलग-अलग पार्ट्स लेकर आते हैं। प्रत्येक ब्लाक मुख्यालयों में उन्हें स्थान उपलब्ध कराया जाता है। यहीं पर साइकिलों को फिट कराया जाता है। यहीं से हाई व हायर सेकेंडरी के प्राचार्य स्वयं की व्यवस्था से साइकिलों को अपने-अपने स्कूल ले जाते हैं। स्थानीय अधिकारियों से पावती ले ली जाती है कि जिले को इतनी साइकिलें उपलब्ध करा दी गई हैं।
‘पहले ठीक करो फिर बाटेंगे साइकिल’
सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पहले ऐसे सत्ताधारी विधायक हैं जिन्होंने पंक्चर और खराब फिटिंग वाली साइकिलों को वितरित करने के बजाय यह निर्देश दिया है कि पहले साइकिलों को ठीक करिए उसके बाद इसका वितरण किया जाएगा।
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पूर्व में भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की,कभी भी किसी सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि ने साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाया था जबकि सरकारी साइकिलों की क्वालिटी हमेशा से ही विवादों में रही है।चालू सत्र में ही सरगुजा जिले के लुंड्रा और अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में ऐसी ही साइकिलों का वितरण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जा रहा है।