मां की पिटाई कर रहे पिता की पुत्र ने कर दी थी हत्या, अदालत ने दी आजीवन कारावास की सजा

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March 3, 2026


अक्सर शराब सेवन कर वह परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करता था। घटना दिवस 23 जून 2024 की रात शराब के नशे में उसने पत्नी सुनीता कुजूर के साथ मारपीट की थ …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 03 Mar 2026 06:54:50 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Mar 2026 06:57:33 PM (IST)

मां की पिटाई कर रहे पिता की पुत्र ने कर दी थी हत्या, अदालत ने दी आजीवन कारावास की सजा
अंबिकापुर की कोर्ट ने दिया अहम निर्णय।

HighLights

  1. अंबिकापुर के मठपारा में हुई थी यह घटना।
  2. मृतक द्वारा पत्नी को पीटने से नाराज था बेटा।
  3. बेदम पीटा था जिससे उसकी मौत हो गई थी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। पंचम जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मिता रत्नावत की अदालत ने पिता की हत्या के आरोपित पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मृतक द्वारा पत्नी से मारपीट किए जाने से नाराज होकर पुत्र ने उसे बेदम पीटा था जिससे उसकी मौत हो गई थी। घटना अंबिकापुर के मणिपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मठपारा में हुई थी।

अतिरिक्त लोक अभियोजक विद्यासागर सिंह ने बताया कि मृतक इंदरलाल कुजूर मठपारा में परिवार के सदस्यों के साथ रहता था। अक्सर शराब सेवन कर वह परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करता था। घटना दिवस 23 जून 2024 की रात शराब के नशे में उसने पत्नी सुनीता कुजूर के साथ मारपीट की थी।

इससे वह घायल हो गई थी। पिता की पिटाई से घायल मां की पीड़ा देखकर पुत्र सागर कुजूर (22) आक्रोशित हो गया था। उसने घर में रखे ईंट से पिता पर वार कर दिया था। माथे पर चोट लगने के कारण वह घायल हो गया था। नाराज पुत्र ने डंडे और पैर से भी पिता को मारा था। मारपीट से पिता की मौत हो गई थी।

पुलिस ने आरोपित पुत्र सागर कुजुर को हत्या के आरोप पर गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था।जांच पश्चात पुलिस ने चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया था। प्रकरण के सारे तथ्यों की सुनवाई और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर पंचम जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मिता रत्नावत की अदालत ने आरोपित सागर कुजुर को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा दी है।



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