अंबिकापुर से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा 29 मार्च से, वीजीएफ मोड पर चलेगा 72 सीटर विमान

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February 20, 2026


नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। अंबिकापुर से हवाई सेवा को लेकर अच्छी खबर है। अंबिकापुर अब हवाई सेवा से देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ने जा रहा है। एलाइंस एयर विमानन कंपनी 72 सीटर विमान का परिचालन करेगी। यह विमान वाया बिलासपुर होकर सप्ताह में दो दिन आना-जाना करेगा। इसकी शुरुआत 29 मार्च से होने जा रही है। सप्ताह में दो दिन सोमवार और बुधवार को इसका परिचालन होगा। विमानन कंपनी ने 29 मार्च से लेकर 24 अक्टूबर तक का शेड्यूल भी जारी कर दिया है।

विमान सेवा का परिचालन वीजीएफ मोड पर

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विमान सेवा का परिचालन वीजीएफ मोड पर होगा। यानी विमानन कंपनी को यदि लाभ नहीं होगा तो भी घाटे की भरपाई शासन स्तर से की जाएगी। शुरुआती दिनों में यदि यात्री नहीं भी मिलते हैं तो भी इसका परिचालन संभव हो सकेगा, क्योंकि अंतर की राशि शासन स्तर से प्रदान की जाएगी। इस व्यवस्था से निर्बाध रूप से विमान का परिचालन हो सकेगा।

सोमवार को दिल्ली से बिलासपुर होते हुए अंबिकापुर आकर विमान दिल्ली के लिए रवाना होगा। बुधवार को दिल्ली से अंबिकापुर आकर बिलासपुर होते हुए दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। अंबिकापुर और बिलासपुर में 25-25 मिनट का ठहराव दिया गया है।

बता दें कि अंबिकापुर से 12 किलोमीटर दूर ग्राम दरिमा में मां महामाया एयरपोर्ट का विकास किया गया है। यहां से रायपुर और बिलासपुर के लिए 19 सीटर विमान का परिचालन शुरू किया गया था, लेकिन अनियमित उड़ान के कारण यात्रियों को इसका बेहतर प्रतिसाद नहीं मिल रहा था। लंबी दूरी के विमान परिचालन की मांग को देखते हुए सांसद चिंतामणि महाराज ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर अंचल की जरूरतों से अवगत कराया था।

विमान सेवा का शेड्यूल

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सोमवार

विमान संख्या 91613 दिल्ली से सुबह 7:50 बजे उड़ान भरकर सुबह 10:25 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। यहां 25 मिनट के ठहराव के बाद 10:50 बजे उड़ान भरकर सुबह 11:40 बजे अंबिकापुर पहुंचेगा। यहां से विमान संख्या 91714 के नाम से अंबिकापुर से दोपहर 12:05 बजे उड़ान भरकर दोपहर 14:35 बजे दिल्ली पहुंचेगा।

बुधवार

विमान संख्या 91713 दिल्ली से सुबह 7:50 बजे उड़ान भरकर सुबह 10:25 बजे अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट पहुंचेगा। यहां से विमान संख्या 91614 के नाम से 10:50 बजे उड़ान भरकर 11:40 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। यहां 25 मिनट का ठहराव रहेगा। बिलासपुर से 12:05 बजे विमान संख्या 91614 उड़ान भरकर दोपहर 14:50 बजे दिल्ली पहुंचेगा।

आठ माह से बंद थी विमान सेवा

केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट का विकास किया गया है। लगभग एक वर्ष पहले इसका उद्घाटन किया गया था। फ्लाई बिग कंपनी अंबिकापुर से बिलासपुर-रायपुर-अंबिकापुर तक 19 सीटर विमान का परिचालन करती थी। सप्ताह में तीन दिन यह सेवा शुरुआती दिनों में संचालित हुई। बाद में किराया वृद्धि तथा अनियमित उड़ान से यात्रियों का रुझान कम हो गया। लगभग आठ महीने से विमान सेवा पूरी तरह बंद है, जबकि यहां सुरक्षा से लेकर मौसम और अग्निशमन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन ड्यूटी कर रहे थे।

अंबिकापुर से रायपुर और बिलासपुर तक की यात्रा लोग सड़क मार्ग से अधिक सुविधाजनक मानते रहे, क्योंकि अंबिकापुर से 12 किलोमीटर दूर दरिमा जाकर विमान पकड़ना और फिर बिलासपुर व रायपुर से शहर तक पहुंचने में समय अधिक लगता था। किराया भी ज्यादा था। सड़क मार्ग बेहतर होने के कारण लोग कम खर्च में बिलासपुर-रायपुर पहुंच जाते थे। इसलिए विमान सेवा से अंबिकापुर को महानगरों से जोड़ने की मांग की जा रही थी।

लाभ नहीं भी हुआ तो सरकार देगी राशि

अंबिकापुर-बिलासपुर से दिल्ली तक एलाइंस एयर की विमान सेवा वीजीएफ मोड पर आरंभ होगी। इसे व्यवहार्यता अंतर निधि के नाम से जाना जाता है। विमानन क्षेत्र में वीजीएफ एक सरकारी वित्तीय सहायता व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य ऐसे हवाई मार्गों या हवाई अड्डों को चालू रखना या शुरू करना है जो व्यावसायिक रूप से तुरंत लाभकारी नहीं होते, लेकिन सार्वजनिक हित और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए जरूरी होते हैं।

वीजीएफ वह अनुदान है जो सरकार एयरलाइंस या परियोजना संचालकों को देती है, ताकि उनकी आय और लागत के बीच का अंतर भर सके और वे कम यात्री संख्या या उच्च संचालन लागत वाले रूट्स पर भी उड़ानें चला सकें। सरल शब्दों में, जहां लाभ नहीं निकलता है वहां सरकार वीजीएफ देकर सेवा संभव बनाती है।

भारत जैसे बड़े देश में कई दूरदराज़ आदिवासी और पिछड़े क्षेत्र हैं। नए या छोटे हवाई अड्डों पर यात्रियों की संख्या कम होती है। शुरुआती वर्षों में एयरलाइंस को नुकसान हो सकता है। ऐसे में बिना सरकारी मदद के एयरलाइंस इन रूट्स पर उड़ान नहीं चलातीं। इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई है। सरकार तय अवधि (आमतौर पर तीन वर्ष) तक वीजीएफ देती है। बाद में जब रूट लाभकारी हो जाता है तो वीजीएफ बंद कर दी जाती है। इस व्यवस्था से दिल्ली तक विमान सेवा का परिचालन निर्बाध रूप से हो सकेगा।



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