पंचम अपर सत्र न्यायाधीश स्मिता रत्नावत की अदालत ने घर में घुसकर युवती की हत्या तथा उसके भाई पर प्राणघातक हमला करने के आरोपित को आजीवन कारावास की सजा स …और पढ़ें

HighLights
- घर में घुसकर युवती की हत्या और भाई पर हमला
- अदालत ने धारा 450, 307 और 302 में दोषी ठहराया
- आरोपित को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश स्मिता रत्नावत की अदालत ने घर में घुसकर युवती की हत्या तथा उसके भाई पर प्राणघातक हमला करने के आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपित पर अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कब की है घटना
अतिरिक्त लोक अभियोजक विद्यासागर सिंह ने बताया कि घटना सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम करजी में 30 मई 2022 की शाम को हुई थी। करजी के माझापारा निवासी समीर विश्वास (44) गांव के एक घर में घुस गया था। वहां उसने कविता सोनी के सिर पर प्राणघातक हमला कर गंभीर चोट पहुंचाई, जबकि उसके भाई अविनाश उर्फ प्रिंस सोनी पर भी वार किया।
दोनों को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया था। शिकायत पर पुलिस ने समीर विश्वास के विरुद्ध घर में घुसकर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया। उपचार के दौरान कविता सोनी की मृत्यु के बाद हत्या की धारा भी जोड़ी गई। आरोपित को न्यायालय के निर्देश पर जेल भेज दिया गया। जांच पूरी कर पुलिस ने चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया।
इन मामलों में दोषी करार
साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर अदालत ने समीर विश्वास को धारा 450, 307 और 302 के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने क्रमशः पांच वर्ष, सात वर्ष तथा आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों धाराओं में अर्थदंड का प्रावधान किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।