बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में करीब 60-70 एकड़ सरकारी और निजी भूमि को कथित रूप से तहसीलदार और पटवारी की मिलीभगत से एक ही परिवार के नाम दर्ज कर दिया गया। कई पंचायतों के ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत कर जांच, दोषियों पर कार्रवाई और अपराध दर्ज करने की मांग की है।
Publish Date: Wed, 10 Dec 2025 08:21:13 AM (IST)
Updated Date: Wed, 10 Dec 2025 08:31:45 AM (IST)

HighLights
- 60-70 एकड़ भूमि एक परिवार के नाम दर्ज।
- तहसीलदार-पटवारी पर मिलीभगत के गंभीर आरोप।
- कई पंचायतों की सरकारी और निजी जमीन प्रभावित।
नईदुनिया न्यूज, राजपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भूमि घोटाला सामने आया है, जिसमें कई ग्रामों की शासकीय एवं निजी भूमि को कथित रूप से अवैध तरीके से एक ही परिवार के नाम कर दिए जाने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध कई पंचायत के ग्रामीणों ने कलेक्टर बलरामपुर को लिखित शिकायत देकर तत्काल जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के शिकायत पत्र के अनुसार ग्राम पंचायत कोदौरा, कोटडीह, भेण्डरी, परसवार खुर्द, करगडीहा और पकराडी में स्थित कुल लगभग 60 से 70 एकड़ भूमि (शासकीय एवं भू-स्वामियों की निजी भूमि) को कथित रूप से तहसीलदार राजपुर और संबंधित पटवारी की मिलीभगत से एक ही परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज कर दिया गया है।
शिकायत में उल्लेख है कि यह भूमि एक ही परिवार के सात लोगों के नाम पर नामांतरण की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरा नामांतरण ऑनलाइन दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर किया गया है। महज कुछ सालों के भीतर बड़ी मात्रा में भूमि परिवार के नाम चढ़ा दी गई।
ग्रामीणों ने बताया कि धान खरीदी पंजीयन के लिए उन्होंने ऑनलाइन खसरा/बी-1 निकाला, तो वास्तविक भूमि स्वामियों के नाम की जगह गुप्ता परिवार के नाम दर्ज मिले। इस गंभीर विसंगति की सूचना एक सप्ताह पूर्व पटवारी एवं तहसीलदार को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने मामला कलेक्टर के संज्ञान में लाया है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई औरआरोपी परिवार के विरुद्ध तत्काल अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।