Paddy Purchase News: उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में इस साल अभी तक बिचौलियों का 11,300 क्विंटल धान तथा 48 वाहन जब्त किया गया है। बिचौलिए यूपी-झारखंड में कम दाम के कारण छत्तीसगढ़ में धान खपाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार ने इससे निपटने की पूरी तरह तैयारी कर ली है।
Publish Date: Sun, 14 Dec 2025 12:44:16 PM (IST)
Updated Date: Sun, 14 Dec 2025 12:44:16 PM (IST)

HighLights
- उत्तरप्रदेश व झारखंड में दाम कम इसलिए छत्तीसगढ़ में धान खपाना चाहते हैं बिचौलिए
- धान को कम दाम पर खरीदकर ऊंचे समर्थन मूल्य पर खपाने की बिचौलियों की चाल
- छत्तीसगढ़ सरकार के लिए धान की अवैध बिक्री रोकना बनी बड़ी चुनौती
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में इस वर्ष अभी तक बिचौलियों का 11,300 क्विंटल धान तथा 48 वाहन जब्त किया गया है। सरकारी समर्थन मूल्य के हिसाब से जब्त धान की अनुमानित कीमत लगभग तीन करोड़ 50 लाख रुपये है। जब्ती नहीं होने पर यह धान उपार्जन केंद्रों में बिक्री कर दिया जाता, इससे बिचौलिए अतिरिक्त लाभ कमाते और सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।
झारखंड में 2,450 रुपये प्रति क्विंटल तथा उत्तर प्रदेश में 2,369 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था है, जबकि छत्तीसगढ़ में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सरकार धान खरीदी करती है। छत्तीसगढ़ में प्रति क्विंटल लगभग 700 रुपये अधिक दर मिलने के कारण उत्तर प्रदेश और झारखंड का धान यहां खपाने का प्रयास किया जा रहा है, जिस पर रोक लगाने प्रशासन भी सजग है।
रिश्तेदारी से व्यावसायिक लाभ उठाने का प्रयास
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और झारखंड के गढ़वा जिले के व्यापारियों की रिश्तेदारी बलरामपुर जिले में है। यह रिश्तेदारी भी धान तस्करी में सहायक साबित होती है। उत्तर प्रदेश और झारखंड में कम दाम पर धान खरीदी कर वे लोग बलरामपुर जिले में रहने वाले रिश्तेदारों के नाम पर धान बिक्री का प्रयास करते हैं। पिकअप, ट्रक यहां तक कि मोटरसाइकिल से भी धान का अवैध परिवहन किया जाता है।
ऐसे हो रही है कार्रवाई
बलरामपुर जिले के सभी अंतरराज्यीय सीमाओं और चेक पोस्टों पर चौकसी को और मजबूत करते हुए 24 घंटे निगरानी कराई जा रही है। अंदरूनी मार्गों पर भी जांच नाके स्थापित कर संदिग्ध वाहनों तथा परिवहन गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रत्येक अनुविभाग में निगरानी दल, रात्रिकालीन भ्रमण दल तैनात किया गया है। l लगातार प्रशासनिक कार्रवाई से जनविश्वास बढ़ा है। गुप्त सूचनाएं प्रशासन तक पहुंच रही हैं, इस कारण अवैध धान पकड़ में आ रहा है।
घने जंगलों में तीन किमी पीछा कर कलेक्टर ने पकड़ा अवैध धान
बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने शुक्रवार देर शाम विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत अंतरराज्यीय सीमा तालकेश्वरपुर के घने जंगलों में लगभग तीन किलोमीटर पीछा कर स्वयं अवैध धान परिवहन कर रहे दो पिकअप वाहनों को पकड़ा। दोनों वाहन में लगभग 140 बोरी अवैध धान पाया गया। अवैध धान एवं वाहनों को थाना प्रभारी सनावल के सुपुर्द किया गया है।