सशस्त्र माओवाद के पूर्ण खात्मे की दिशा में निर्णायक कार्रवाई कर रही है सरकार, छत्‍तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा

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January 26, 2026


गृहमंत्री ने कहा कि माओवाद के खात्मे के बाद पूरा बस्तर क्षेत्र विश्व पटल पर एक नई पहचान के साथ उभरेगा। विकास, शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 26 Jan 2026 08:36:01 PM (IST)Updated Date: Mon, 26 Jan 2026 08:39:24 PM (IST)

सशस्त्र माओवाद के पूर्ण खात्मे की दिशा में निर्णायक कार्रवाई कर रही है सरकार, छत्‍तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा
विजय शर्मा ने माओवाद पर कहा।

HighLights

  1. बस्तर क्षेत्र विश्व में नई पहचान के साथ उभरेगा।
  2. विकास, शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे
  3. और भय का वातावरण पूरी तरह समाप्त होगा।

नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर। गृहमंत्री विजय शर्मा ने माओवाद को लेकर कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपने विचार व्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता देता है, लेकिन हथियार उठाकर हिंसा फैलाने की कोई जगह नहीं है। हथियार छोड़ कर अपने विचारों की अभिव्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता भारत के संविधान में निहित है। राज्य सरकार सशस्त्र माओवाद के पूर्ण खात्मे की दिशा में निर्णायक कार्रवाई कर रही है।

गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक समूचे छत्तीसगढ़ से सशस्त्र माओवाद का पूरी तरह अंत कर दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जंगलों में हथियार लेकर घूमने, पुल-पुलियों के नीचे आइईडी लगाने, तालाब-नदी किनारे विस्फोटक बिछाने और स्कूलों को निशाना बनाने जैसी गतिविधियां पूरी तरह समाप्त होंगी।

गृहमंत्री ने कहा कि माओवाद के खात्मे के बाद पूरा बस्तर क्षेत्र विश्व पटल पर एक नई पहचान के साथ उभरेगा। विकास, शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और भय का वातावरण पूरी तरह समाप्त होगा। बीजापुर जिले के कर्रेगट्टा पहाड़ी क्षेत्र में हुए आईईडी ब्लास्ट पर गृहमंत्री ने कहा कि यह इलाका पहले माओवादियों का गढ़ था, जिसे सुरक्षा बलों ने नेस्तनाबूद कर दिया था।

उस दौरान माओवादियों ने विस्फोटक प्लांट किया था, उसी क्षेत्र में कुछ नए आइईडी प्लांट किया जिसकी चपेट में सुरक्षा बल के नौ जवान आ गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं और उनका बेहतर उपचार चल रहा है।

गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर बस्तर के ऐसे गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जहां आज़ादी के बाद कभी राष्ट्रीय ध्वज नहीं लहराया गया था। यह जवानों की बहादुरी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प का परिणाम है।उन्होंने कहा कि बस्तर के अंतिम गांव तक तिरंगा फहराना सरकार का लक्ष्य है।



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