7.50 से 15 लाख हो गया ब्याज, परेशान होकर MP के व्यापारी को मारा, जेब से निकाले 50 हजार रुपये

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September 4, 2025


CG Murder: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस ने व्यापारी शिवराज सिंह की लाश मिलने की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने बताया कि आरोपी बिजनेसमैन के बार-बार उधारी के पैसे मांगने से परेशान हो गया था और उसने इसी की वजह से उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

Publish Date: Thu, 04 Sep 2025 02:45:00 PM (IST)

Updated Date: Thu, 04 Sep 2025 02:45:00 PM (IST)

7.50 से 15 लाख हो गया ब्याज, परेशान होकर MP के व्यापारी को मारा, जेब से निकाले 50 हजार रुपये
युवक ने परेशान होकर MP के व्यापारी को मारा

HighLights

  1. पुलिस ने सुलझाई व्यापारी शिवराज सिंह की लाश की गुत्थी
  2. उधारी की राशि मांगने पर दिया वारदात को अंजाम
  3. मारने के बाद आरोपी ने जेब से निकाले 50 हजार रुपये

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चपोता के रेड़ नदी में ग्राम पंडरी थाना माडा जिला सिंगरौली निवासी व्यवसायी शिवराज सिंह की लाश मिलने की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। आरोपित सियाचंद वैश्य ने मृतक से 7.50 लाख रुपये उधार लिए थे, जो ब्याज सहित बढ़कर 15 लाख रुपये हो गए थे। मृतक लगातार रुपये वापसी का दबाव बना रहा था, जिससे क्षुब्ध होकर आरोपित ने योजना बनाकर चाकू से वार कर और गला दबाकर व्यवसायी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई गला दबाकर हत्या की पुष्टि

जानकारी के अनुसार 30 अगस्त 2025 को थाना रघुनाथनगर के ग्राम चपोता रेड़ नदी के किनारे पानी में ग्राम पंडरी थाना माडा जिला सिंगरौली निवासी व्यवसायी शिवराज सिंह की लाश मिली थी। नदी से लगभग 50 मीटर दूर एक मोटरसाइकिल भी खड़ी मिली थी। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर शव को घसीटने के निशान, संघर्ष के चिह्न, टूटा हुआ चाकू का हत्था और मृतक की बाइक मिली। इन परिस्थितियों से हत्या की आशंका गहरी हुई। फॉरेंसिक टीम अंबिकापुर और डॉग स्क्वाड बलरामपुर की उपस्थिति में घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया। चिकित्सक की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।

मृतक लगातार कर रहा था पैसे की मांग

इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या का अपराध मानते हुए पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की। बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के मार्गदर्शन में एसडीओपी वाड्रफनगर रामअवतार ध्रुव के साथ पुलिस टीम ने जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, मृतक के आवागमन मार्ग पर लगे सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसमें मृतक के साथ अंतिम बार देखे गए व्यक्ति की पहचान सियाचंद वैश्य (43) निवासी ग्राम भावखण्ड थाना माडा जिला सिंगरौली के रूप में हुई। मृतक के स्वजन ने भी बताया कि आरोपित ने मृतक से करीब 7.50 लाख रुपये उधार लिए थे, जो ब्याज सहित 15 लाख रुपये हो गए थे। अभी तक आरोपित ने केवल 1.50 लाख रुपये लौटाए थे और मृतक लगातार पैसे की मांग कर रहा था।

आरोपित ने ऐसे दिया घटना को अंजाम

पुलिस ने आरोपित सियाचंद वैश्य को हिरासत में लिया।कड़ी पूछताछ में आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार किया। उसने बताया कि मृतक रुपये की मांग कर उसे लगातार प्रताड़ित करता था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने हत्या की योजना बनाई। घटना से एक दिन पहले आरोपित ने सिंगरौली स्थित “वैष्णो बर्तन भंडार” दुकान से चाकू खरीदा। दोनों एक साथ मिले भी थे। यहां नाश्ता करने के दौरान यह तय हुआ कि अगले दिन छत्तीसगढ़ के चपोता गांव में जाकर खरीदने के लिए जमीन देखेंगे। इसी के तहत 30 अगस्त को मृतक और आरोपित सेमरिया गांव में मिले और वहां से चांदनी-बिहारपुर मार्ग होते हुए चपोता रेड़ नदी के पास पहुंचे। आरोपित ने अपनी मोटरसाइकिल पहले ही छोड़ दी और मृतक की बाइक में पीछे बैठकर नदी किनारे तक आया।

वहां आरोपित ने चाकू से मृतक पर वार करने का प्रयास किया, लेकिन झगड़े के दौरान मृतक ने चाकू पकड़ लिया और छीना-झपटी में दोनों को चोट आई तथा चाकू टूट गया। इसके बाद आरोपित ने मृतक का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को घसीटकर नदी में फेंक दिया।

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हत्या के बाद मृतक का 50 हजार लेकर चला गया था आरोपित

हत्या के बाद आरोपित ने मृतक की जेब से 50,000 रुपये निकाले, अपने खून से सने कपड़े बदलकर घटनास्थल के पास झाड़ी में फेंक दिए और अपनी मोटरसाइकिल से घर चला गया। वहां कपड़े बदलकर वह सामान्य रूप से स्कूल पढ़ाने चला गया। आरोपित से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, हेलमेट, मोबाइल और लूटा गया 50,000 रुपये जब्त किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपित सियाचंद वैश्य को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।



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