पूछताछ में आरोपित गंगाराम ने बताया कि फरार व्यक्ति देवेंद्र सिंह है, जो इस रैकेट का मुख्य संचालक है।वह लखनपुर के लहपटरा का रहने वाला है। जब्त कार और सारा इंजेक्शन भी देवेंद्र सिंह का ही है, जबकि वह सिर्फ सप्लाई का काम करता था।
By Navodit Saktawat
Publish Date: Thu, 10 Jul 2025 05:03:51 PM (IST)
Updated Date: Thu, 10 Jul 2025 05:04:23 PM (IST)

अंबिकापुर। नशीली दवाओं के विरुद्ध आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा की टीम ने 2413 नग नशीले इंजेक्शन जब्त करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपित देवेंद्र सिंह मौके से फरार हो गया। यह कार्रवाई मणिपुर थाना क्षेत्र के सुंदरपुर वेयरहाउस के पास पूरी की गई।फरार आरोपित की तलाश की जा रही है।
बुधवार देर रात आबकारी उड़नदस्ता टीम को सूचना मिली थी कि एक सफेद हुंडई वरना कार में नशीले इंजेक्शन रखे गए हैं और उन्हें ग्राहकों को सप्लाई किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने तत्काल दबिश दी। मौके पर एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि दूसरा व्यक्ति पकड़ा गया, जिसने अपना नाम गंगाराम मुंडा बताया।कार की तलाशी में अलग अलग नाम के नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपित गंगाराम ने बताया कि फरार व्यक्ति देवेंद्र सिंह है, जो इस रैकेट का मुख्य संचालक है।वह लखनपुर के लहपटरा का रहने वाला है। जब्त कार और सारा इंजेक्शन भी देवेंद्र सिंह का ही है, जबकि वह सिर्फ सप्लाई का काम करता था।गिरफ्तार आरोपित गंगाराम को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(C) के तहत गिरफ्तार कर गुरुवार को विशेष न्यायालय अंबिकापुर में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने किया। उन्होंने बताया कि नशे के रूप में युवाओं द्वारा इंजेक्शनों का उपयोग किया जाता है। निर्धारित दर से कई गुना अधिक दाम पर इसकी खरीद बिक्री की जाती है। प्रकरण की जांच अभी चल रही है। आरोपितों को इतनी बड़ी संख्या में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन की खेप कैसे मिली, इस संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। मुख्य आरोपित देवेंद्र सिंह की तलाश जारी है।