CG में TET एग्जाम में परीक्षार्थियों की शर्ट की आस्तीन काटने का वीडियो वायरल, ड्रेस कोड की सख्ती बनी विवाद की वजह

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February 2, 2026


TET Exam Controversy: छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के दौरान अंबिकापुर में सुरक्षा जांच को लेकर बड़ा विव …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 02 Feb 2026 01:59:12 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Feb 2026 01:59:12 PM (IST)

CG में TET एग्जाम में परीक्षार्थियों की शर्ट की आस्तीन काटने का वीडियो वायरल, ड्रेस कोड की सख्ती बनी विवाद की वजह
TET परीक्षा में अभ्यर्थियों की गरिमा पर सवाल, जांच के नाम पर अमानवीय सख्ती

HighLights

  1. TET परीक्षा में शर्ट की बांह काटने का मामला
  2. अंबिकापुर परीक्षा केंद्र से वीडियो वायरल
  3. ड्रेस कोड उल्लंघन पर अपनाई गई सख्ती

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल की ओर से रविवार को आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के दौरान परीक्षा केंद्रों पर की गई सख्त जांच व्यवस्था विवादों में घिर गई है। सुरक्षा और नकल रोकने के नाम पर अपनाई गई प्रक्रिया ने कई परीक्षार्थियों को मानसिक रूप से आहत कर दिया।

शर्ट की बांह काटने का वीडियो वायरल

परीक्षा केंद्र से जुड़ा एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कर्मचारी के हाथ में कैंची है और वह हल्के रंग की फुल बांह शर्ट पहनकर पहुंचे परीक्षार्थियों की शर्ट की बांह काट रहा है। मौके पर ही फुल शर्ट को हाफ शर्ट में बदला गया और उसी हालत में परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के भीतर भेज दिया गया।

ठंड में असहज हुए परीक्षार्थी

वीडियो में यह भी साफ नजर आता है कि ठंड के मौसम में शर्ट की बांह कटवाते समय परीक्षार्थी ठिठुरते रहे। वीडियो बना रहा व्यक्ति उनसे पूछता है कि “ठंड लग रही है क्या?”, जिस पर उनकी असहजता स्पष्ट दिखती है। शर्ट कटवाने के बाद परीक्षार्थी बिना किसी विकल्प के परीक्षा देने को मजबूर हो गए।

ड्रेस कोड उल्लंघन का दिया गया तर्क

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल के निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को केवल हाफ शर्ट पहनकर परीक्षा केंद्र आना था। फुल बांह शर्ट पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों ने ड्रेस कोड का पालन नहीं किया, इसलिए यह कदम उठाया गया। अधिकारियों का कहना है कि निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई गई।

प्रवेश न मिलने से छूटी परीक्षा

कई परीक्षार्थियों ने बताया कि दो से तीन मिनट की मामूली देरी से पहुंचने पर उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे वे परीक्षा देने से वंचित रह गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद इस तरह की सख्ती ने उनका मनोबल तोड़ दिया।

मानवीय दृष्टिकोण की मांग

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अभ्यर्थियों और अभिभावकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि परीक्षा में अनुशासन जरूरी है, लेकिन जांच प्रक्रिया में मानवीय व्यवहार भी उतना ही आवश्यक होना चाहिए। अब सोशल मीडिया पर परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा और जांच की मांग उठ रही है।

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